London। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इंग्लैंड का शानदार प्रदर्शन जारी है। उसने श्रीलंका को दूसरे टी20 मुकाबले में आसानी से हराकर तीन मैचों की सीरीज पर 2-0 से अपने नाम की है। 146 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने लगभग आठ ओवर शेष रहते ही जीत हासिल कर ली, जिससे उनकी ताकत और दबदबे का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
इंग्लैंड की इस लगातार बढ़ती सफलता के पीछे एक बड़ा कारण उनके खिलाड़ियों का साल भर टी20 क्रिकेट खेलना है, जिसका सीधा फायदा राष्ट्रीय टीम को मिलता है। मैदान पर उनका आत्मविश्वास और बेखौफ अंदाज उन्हें एक अलग स्तर पर ले जाता है। श्रीलंका के खिलाफ यह इंग्लैंड की पिछली 21 भिड़ंतों में 19वीं जीत थी, जो उनके एकतरफा दबदबे को स्पष्ट करती है। इस दौरान श्रीलंका सिर्फ दो मुकाबले जीत पाया है।
अगर पिछले साल गर्मियों से अब तक के उनके रिकॉर्ड पर नज़र डालें, तो तस्वीर और भी अधिक प्रभावशाली नज़र आती है। इंग्लैंड ने इस अवधि में खेले गए 25 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में से 22 में जीत दर्ज की है, जिसका मतलब है कि उनकी जीत का प्रतिशत 88 प्रतिशत रहा है। यह आंकड़ा उन्हें पूर्णकालिक सदस्य देशों में शीर्ष पर रखता है। वहीं टी20 विश्वकप विजेता भारतीय टीम का जीत प्रतिशत 73 है। जो दिखाता है कि वर्तमान में टी20 फॉर्मेट में इंग्लैंड को हराना कितना मुश्किल है।
इस दूसरे मैच में इंग्लैंड के लिए युवा बल्लेबाज टॉम बैंटन ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए सिर्फ 24 गेंदों में नाबाद 52 रन बनाए। उनके अलावा, जोस बटलर ने 16 गेंदों पर 30 रन बनाकर पारी को तेज शुरुआत दी। कप्तान हैरी ब्रूक ने आठ गेंदों में तेजी से 23 रन बनाकर टीम को आसानी से जीत दिलाई।
यह कार्डिफ के मैदान पर इंग्लैंड की 12 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 10वीं जीत थी।
वहीं लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की बल्लेबाजी पूरी तरह से फ्लॉप रही, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके लिए सर्वोच्च स्कोर पथुम निसंका ने बनाया, जिन्होंने 21 गेंदों पर 37 रन जोड़े। कप्तान चरिथ असलंका ने भी 31 गेंदों पर 31 रन बनाए, लेकिन ये रन टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने के लिए नाकाफी साबित हुए। निर्धारित 20 ओवरों में श्रीलंका नौ विकेट खोकर केवल 145 रन ही बना सकी।


