अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनिल चौधरी बोले— नियमों की गहरी समझ और आत्मविश्वास ही सफल अंपायर की पहचान
Kanpur । उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की तीन दिवसीय प्रदेश स्तरीय अंपायर व स्कोरर कार्यशाला का शुभारंभ गुरुवार को ग्रीनपार्क स्टेडियम स्थित प्लेयर्स पवेलियन में हुआ। इसमें प्रदेश के 35 जिलों के 96 अंपायर और 37 स्कोरर सहित कुल 133 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

कार्यशाला का उद्घाटन सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता ने किया, उन्होंने कहा कि तीन वर्ष बाद इस प्रकार की कार्यशाला प्रदेश के अंपायरों और स्कोरर के लिए बेहद जरूरी है। इसमें अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनिल चौधरी ने कहा कि एक सफल अंपायर बनने के लिए क्रिकेट के नियमों की गहरी समझ और निरंतर सीखने की भावना बेहद आवश्यक है।

उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि अंपायर का हर फैसला खेल की दिशा बदल सकता है, इसलिए नियमों का सटीक ज्ञान और मैदान पर आत्मविश्वास सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभव साझा करते हुए अभ्यर्थियों को खेल के बदलते नियमों और तकनीकी पहलुओं से लगातार अपडेट रहने की सलाह दी। इनमें सात महिला अंपायर और दो महिला स्कोरर भी शामिल हैं। वहीं, बीसीसीआई के वरिष्ठ स्कोरिंग एजुकेटर पी. जयपाल ने स्कोरर की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला में लिखित परीक्षा के बाद सफल प्रतिभागियों को सितंबर में प्रायोगिक, मौखिक और विजुअल परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। इस मौके पर डॉ. गौरहरि सिंहानिया क्रिकेट एकेडमी के सीईओ दीपक शर्मा, यूपीसीए के वाइस प्रेसिडेंट सुजीत श्रीवास्तव, महाप्रबंधक महिला रीता डे, महाप्रबंधक वित्त व अकाउंट्स अनुराग गुप्ता, अंपायर समिति के सदस्य अनुराग राठौर, बीसीसीआई के मुख्य स्कोरर एसपी सिंह, एपी सिंह, मीडिया प्रभारी अहमद अली खान तालिब समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।


