पांडु नदी पर निर्माणाधीन सेतु का डीएम ने निरीक्षण कर कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश
Kanpur ।जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को तहसील नरवल क्षेत्र में पांडु नदी पर निर्माणाधीन सचौली घाट सेतु का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा नवंबर माह तक सेतु पर आवागमन प्रारंभ कराने के लिए सभी आवश्यक प्रयास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि पांडु नदी पर निर्माणाधीन यह सेतु डिफेंस कॉरिडोर एवं घाटमपुर क्षेत्र को नरवल मोड़-साढ़-सरसौल मार्ग से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। सेतु के निर्माण से क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी तथा औद्योगिक, व्यापारिक एवं स्थानीय आवागमन को नई गति मिलेगी। परियोजना का निर्माण उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि भूमि संबंधी कुछ समस्याओं के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। इसके बावजूद सेतु निगम द्वारा निर्माण कार्य को गति देते हुए नवंबर माह तक सेतु पर आवागमन प्रारंभ कराने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आम जनता को शीघ्र आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में उपयोग में आ रहा पुराना पुल जोखिमपूर्ण एवं असुरक्षित हो गया है, जिससे वाहनों के आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की गई है, हालांकि उसमें भी कुछ व्यावहारिक चुनौतियां हैं। उन्होंने सेतु निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित को देखते हुए निर्माण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा किया जाए।
साथ ही वैकल्पिक मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा उसके प्रभावी प्रवर्तन के लिए पुलिस विभाग को आवश्यक सहयोग एवं सतत निगरानी के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जनता को सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध आवागमन उपलब्ध कराना है, जिसके लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय स्थापित कर कार्य कर रहे हैं।उल्लेखनीय है कि विकासखंड भीतरगांव क्षेत्र में सचौली घाट के निकट पांडु नदी पर लगभग 15.28 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन क्षमता के सेतु एवं सुरक्षात्मक कार्यों का निर्माण कराया जा रहा है।
परियोजना पूर्ण होने पर डिफेंस कॉरिडोर, घाटमपुर एवं आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार होगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।निरीक्षण के दौरान उत्तर प्रदेश सेतु निगम के परियोजना अधिकारी एस.के. सुमन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


