पनकी की मसाला फैक्टरी से 5.86 लाख का स्टॉक जब्त, छह नमूने जांच को भेजे; रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कार्रवाई
Kanpur। रसोई की शुद्धता से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ मंगलवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने बड़ी कार्रवाई की। पनकी स्थित एक मसाला निर्माण इकाई पर छापेमारी के दौरान ऐसा खेल सामने आया, जिसने हर गृहिणी की चिंता बढ़ा दी। जांच में पता चला कि जहां हल्दी तैयार की जा रही थी, वहां साबुत हल्दी का नामोनिशान तक नहीं था।
टीम को मौके पर चावल के टुकड़ों में पीला रंग मिलाकर हल्दी जैसा पाउडर तैयार किए जाने के संकेत मिले। इसके बाद पूरे परिसर को खंगालते हुए छह नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए गए और 5.86 लाख रुपये का स्टॉक जब्त कर लिया गया।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय संजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने इस्पात नगर, पनकी स्थित पीतांबरा इंटरप्राइजेज में छापा मारा। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि फैक्टरी में हल्दी पाउडर तैयार किया जा रहा था, लेकिन वहां साबुत हल्दी मौजूद नहीं थी। परिसर में चावल के टुकड़े, हल्दी जैसा लिक्विड रंग, मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और मिर्च में मिलाए जाने वाले रंग सहित अन्य सामग्री भी मिली। इससे मिलावट की आशंका और गहरा गई।

टीम ने हल्दी पाउडर, हल्दी में प्रयुक्त लिक्विड कलर, चावल के टुकड़े, मिर्च पाउडर, मिर्च में मिलाए जाने वाले रंग और धनिया पाउडर समेत कुल छह नमूने संग्रहित किए। इन्हें खाद्य विश्लेषक की प्रयोगशाला में भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद यह साफ होगा कि मसाले खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

छापेमारी के दौरान 77 बैग चावल के टुकड़े, 42 बैग हल्दी पाउडर, 30-30 किलोग्राम धनिया और मिर्च पाउडर तथा 20 किलोग्राम हल्दी अपमिश्रक जब्त किया गया। जब्त सामग्री की कुल कीमत 5,86,200 रुपये आंकी गई है।
सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित फर्म के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि खाद्य पदार्थों में मिलावट की जानकारी मिलने पर तत्काल विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।


