सिलाई और मजदूरी कर जोड़ी थी पूंजी, निर्माण शुरू होते ही खुला फर्जीवाड़े का राज; दो आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
Kanpur । वर्षों तक सिलाई और दिहाड़ी मजदूरी कर अपने आशियाने का सपना संजोने वाले एक गरीब दंपती के साथ 7.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) की जमीन को निजी प्लॉट बताकर बेच दिया। दंपती ने जब मकान निर्माण शुरू कराया तो केडीए ने जमीन को अपनी संपत्ति बताते हुए निर्माण ध्वस्त कर दिया। पीड़िता की शिकायत पर रेलबाजार पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया है।
रेलबाजार निवासी शाहीन सिलाई का काम करती हैं, जबकि उनके पति दिहाड़ी मजदूर हैं। दोनों ने वर्षों की मेहनत और बचत से करीब आठ लाख रुपये जुटाए थे ताकि अपना घर बना सकें। इसी दौरान उनके परिचित नसीम अख्तर ने उनकी मुलाकात कुछ प्रॉपर्टी डीलरों से कराई। डीलरों ने संजीवनी नगर क्षेत्र में 50 वर्गगज का प्लॉट पूरी तरह वैध बताकर 7.50 लाख रुपये में बेचने का सौदा तय किया।
सपनों का घर बनने से पहले उजड़ गया आशियाना
पीड़िता के अनुसार नवंबर 2024 में उन्होंने पांच लाख रुपये चेक और ढाई लाख रुपये नकद देकर प्लॉट की रजिस्ट्री कराई। रजिस्ट्री के बाद परिवार ने खुशी-खुशी मकान निर्माण शुरू कराया। प्लॉट पर डीपीसी तैयार कराई गई और नौ आरसीसी पिलर भी खड़े कर दिए गए। लेकिन कुछ ही दिनों बाद दिसंबर 2024 में केडीए का नोटिस पहुंचा, जिसमें निर्माण कार्य को अवैध बताया गया।
जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज
नोटिस मिलने के बाद जब दंपती ने जमीन की जानकारी जुटाई तो पता चला कि जिस प्लॉट को उन्होंने खरीदा है, वह केडीए की जमीन है। यह जानकारी मिलते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद केडीए ने कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन ढांचे को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से परिवार की वर्षों की जमा-पूंजी और घर का सपना दोनों टूट गए।
रुपये लौटाने की बजाय दी धमकियां
शाहीन का आरोप है कि जब उन्होंने आरोपियों से रुपये वापस मांगे तो पहले उन्हें दूसरा प्लॉट देने का आश्वासन दिया गया। बाद में न तो कोई दूसरा प्लॉट दिया गया और न ही रकम लौटाई गई। उल्टा रुपये मांगने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं।
दो आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़िता की तहरीर पर रेलबाजार पुलिस ने सनिगवां निवासी तौफीक और सुनील के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि मामले में धोखाधड़ी और धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


