पुलिस ने गांधी प्रतिमा पर नहीं दी अनुमति, नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और परीक्षा सुधार की उठाई मांग
Kanpur। फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा पर प्रस्तावित 24 घंटे के सत्याग्रह को पुलिस द्वारा अनुमति न दिए जाने के बाद समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेई ने विरोध का तरीका बदल दिया। उन्होंने अपने काकादेव स्थित आवास को ही सत्याग्रह स्थल बना लिया और वहीं लगातार 24 घंटे तक धरने पर बैठे रहे। गुरुवार को सत्याग्रह समाप्त होने के बाद उन्होंने एडीसीपी अर्चना सिंह के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की गई।
अमिताभ बाजपेई ने कहा कि देश का युवा केवल निष्पक्ष परीक्षा, समान अवसर और पारदर्शी व्यवस्था चाहता है। लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका आरोप था कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए और छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
राष्ट्रपति के नाम भेजे गए ज्ञापन में नीट पेपर लीक की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की जांच, पीड़ित परिवारों को मुआवजा तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई।
24 घंटे तक चले सत्याग्रह के दौरान विधायक के आवास पर छात्र, अभिभावक, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का लगातार आना-जाना लगा रहा। पूर्व सांसद सुभाषिनी अली, वंदना बाजपेई सहित कई नेताओं ने पहुंचकर समर्थन दिया।
सार्वजनिक स्थल पर सत्याग्रह की अनुमति नहीं मिलने के बाद घर से शुरू हुआ यह विरोध शहरभर में चर्चा का विषय बना रहा। सत्याग्रह समाप्त होने के बाद विधायक ने कहा कि छात्रों के हितों और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।


