प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला की आरपीएफ, डॉक्टर और नर्स ने बनाई सुरक्षा ढाल, प्लेटफॉर्म पर जन्मा स्वस्थ बेटा
Kanpur । कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर शुक्रवार को कुछ मिनटों के लिए प्लेटफॉर्म अस्पताल में बदल गया। यात्रियों की भीड़ के बीच एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लेकिन आरपीएफ की मुस्तैदी, डॉक्टर और नर्स की तत्परता ने स्थिति को संभाल लिया। देखते ही देखते प्लेटफॉर्म पर ही एक स्वस्थ बेटे की किलकारी गूंज उठी।
घटना गाड़ी संख्या 12488 के प्लेटफॉर्म संख्या छह पर पहुंचने के दौरान हुई। ट्रेन में सफर कर रही गर्भवती महिला चंदा खातून को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। सूचना मिलते ही आरपीएफ की महिला एएसआई सुनीता, हेड कांस्टेबल रणजीत सिंह, डॉ. विवेक और मधुराज क्लीनिक की नर्स कौशिकी मौके पर पहुंच गए।
महिला की गरिमा का पूरा ध्यान रखा गया। प्लेटफॉर्म पर कपड़ों की ओट बनाकर अस्थायी प्रसव कक्ष तैयार किया गया। कुछ ही देर में डॉक्टर और नर्स की निगरानी में महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। नवजात के रोने की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद यात्रियों ने राहत की सांस ली और पूरी टीम की सराहना की।
प्रसव के बाद नवजात को तुरंत मधुराज क्लीनिक ले जाया गया, जबकि प्रसूता को बैटरी रिक्शे से वहां पहुंचाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। जांच में मां और बेटा दोनों पूरी तरह स्वस्थ मिले। बाद में बेहतर चिकित्सकीय देखभाल के लिए दोनों को उर्सला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
महिला ने अपना नाम चंदा खातून निवासी सहरसा (बिहार) बताया। वह आनंद विहार टर्मिनल से कटिहार जा रही थीं। उनके साथ मौजूद ससुर मोहम्मद पिंटू ने 108 एंबुलेंस की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया।
रोजाना लाखों यात्रियों की आवाजाही वाले कानपुर सेंट्रल पर यह घटना सिर्फ एक सुरक्षित प्रसव की कहानी नहीं रही, बल्कि यह भी साबित कर गई कि आपात स्थिति में समय पर उठाया गया एक कदम किसी परिवार की सबसे बड़ी खुशी बन सकता है।


