बुलडोजर से टूटा घर, चेक बाउंस—अब धमकियों के साये में परिवार
Kanpur । शहर में भू-माफियाओं के बढ़ते हौसलों और पुलिस की सुस्ती का एक और मामला सामने आया है। जाजमऊ कैंट निवासी रंजना पिछले एक साल से न्याय की गुहार लगा रही हैं, लेकिन अब तक उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। इससे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पीड़िता का आरोप है कि ‘सहयोगी ग्रुप फर्म’ के संचालकों उदित दीक्षित, सूरज कुमार और धर्मेंद्र वर्मा—ने उन्हें अराजी संख्या 1761 पर प्लॉट दिखाकर लाखों रुपये की ठगी की। भरोसा दिलाकर उनसे चेक के माध्यम से भुगतान कराया गया और मार्च 2024 में रजिस्ट्री भी करा दी गई। इसके बाद रंजना ने एलआईसी हाउसिंग से करीब 15.50 लाख रुपये का लोन लेकर मकान का निर्माण शुरू कराया।
लेकिन 5 मार्च 2025 को केडीए की टीम ने निर्माणाधीन भवन को अवैध बताते हुए बुलडोजर चला दिया। इस कार्रवाई में पीड़िता का घर ढह गया और उनकी पूरी जमा-पूंजी बर्बाद हो गई।पीड़िता के अनुसार, विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने समझौते के तहत 20 लाख रुपये के तीन चेक दिए, लेकिन बैंक में लगाने पर सभी चेक बाउंस हो गए। अब जब पीड़ित परिवार अपना पैसा मांग रहा है, तो उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।
सबसे चिंताजनक पहलू पुलिस की भूमिका है। पीड़िता का कहना है कि उच्च अधिकारियों ने एसएचओ चकेरी को जांच कर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।रंजना का कहना है कि वे पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी और जनता दरबार तक गुहार लगा चुकी हैं, लेकिन हर जगह सिर्फ आश्वासन मिला। अब पूरा परिवार भय के माहौल में जी रहा है।
पीड़िता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को भी जवाबदेह ठहराया जाए।


