पांच साल में रकम दोगुनी करने और प्लॉट दिलाने का झांसा देकर 52 लाख रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने 25 हजार के इनामी VACL निदेशक बृजेन्द्र चौहान को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ 19 मुकदमे दर्ज हैं।
Kanpur। पांच साल में पैसा दोगुना करने और साथ में प्लॉट दिलाने का सपना दिखाकर 52 लाख रुपये की रकम जुटाने वाली रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया। कल्याणपुर पुलिस ने वीएसीएल इंडिया रियल एस्टेट कंपनी के फरार निदेशक बृजेन्द्र सिंह चौहान उर्फ विजेन्द्र सिंह चौहान (53) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
आजमगढ़ निवासी अतुल तिवारी के परिवार ने कंपनी की स्कीम पर भरोसा कर 52 लाख रुपये निवेश किए थे। कंपनी ने रकम पांच साल में दोगुनी करने का भरोसा दिया था। समय पूरा होने पर परिवार ने जब अपनी रकम मांगी तो कंपनी के जिम्मेदार आज-कल करते रहे। कुछ समय बाद शाखा पर ताला लटक गया और निवेशकों की उम्मीदों पर भी ताला लग गया।
रकम वापस न मिलने पर पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर दिसंबर 2025 में कल्याणपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। जांच आगे बढ़ी तो कंपनी से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आए। पुलिस ने तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब बृजेन्द्र की गिरफ्तारी के साथ मामले में जेल जाने वाले आरोपियों की संख्या चार हो गई है।
19 मुकदमों का हिसाब भी मिला
पुलिस जांच में सामने आया कि बृजेन्द्र के खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर 19 मुकदमे दर्ज हैं। कंपनी के नामजद निदेशक इंद्रेश सिंह चौहान और किशन वीर अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। साथ ही कंपनी के जरिए हुई अन्य ठगी और उससे जुड़े नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।


