15 दिन में दिए जा सकेंगे बयान और साक्ष्य, एसीएम-3 को बनाया गया जांच अधिकारी
Kanpur । जेके कैंसर संस्थान में इलाज के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत विचाराधीन बंदी रिंकू यादव की मौत के मामले में अब मजिस्ट्रियल जांच होगी। जिला मजिस्ट्रेट के अनुमोदन के बाद अपर नगर मजिस्ट्रेट-तृतीय ज्योति शर्मा को जांच अधिकारी नामित किया गया है। प्रशासन ने मामले से जुड़े लोगों से तथ्य, जानकारी, बयान और साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए 15 दिन का समय दिया है।
झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम भोजला निवासी रिंकू यादव पुत्र स्व. धनीराम की उम्र करीब 42 वर्ष थी। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 के तहत वह विचाराधीन बंदी थे। 18 सितंबर 2026 को सुबह करीब छह बजे जेके कैंसर संस्थान में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। अब प्रशासन की ओर से उनकी मौत और उपचार से जुड़े तथ्यों की जांच कराई जाएगी।
अपर नगर मजिस्ट्रेट-तृतीय ज्योति शर्मा ने बताया कि मामले से संबंधित किसी व्यक्ति के पास घटना से जुड़ी कोई जानकारी, तथ्य, कथन अथवा साक्ष्य हो तो वह जांच में उपलब्ध करा सकता है। इसके लिए प्रेस विज्ञप्ति के प्रकाशन की तिथि से 15 दिनों के भीतर कार्यालय अवधि में अपर नगर मजिस्ट्रेट-तृतीय के कार्यालय में उपस्थित होकर अपना बयान या साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में दिए जाने वाले बयान और साक्ष्य का सीधा संबंध रिंकू यादव की मृत्यु अथवा उनके उपचार से जुड़े तथ्यों से होना चाहिए। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण से संबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी।


