34 विधाओं में निःशुल्क प्रशिक्षण, 7,431 प्रशिक्षणार्थी रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े
Kanpur। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को चौबेपुर के ग्राम मरियानी स्थित ग्रामीण स्वरोजगार विकास संस्थान (आरसेटी) का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर प्रशिक्षण और रोजगार की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान एग्री जंक्शन और ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित मिले।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के तत्वावधान और बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रायोजन में संचालित संस्थान में अब तक 10,578 युवक-युवतियां प्रशिक्षण ले चुके हैं। इनमें 7,431 प्रशिक्षणार्थी नौकरी अथवा स्वरोजगार से जुड़े हैं, जबकि 3,059 ने बैंक ऋण लेकर अपना कारोबार शुरू किया है। संस्थान में 34 प्रकार के रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जाते हैं। इनमें डेयरी, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, सब्जी उत्पादन, बैंक मित्र, ब्यूटी पार्लर, सिलाई, फास्ट फूड, फोटोग्राफी, मशरूम उत्पादन, जूट उत्पाद, मसाला निर्माण और रेफ्रिजरेशन-एयर कंडीशनिंग समेत अन्य पाठ्यक्रम शामिल हैं।
प्रशिक्षण की अवधि पाठ्यक्रम के अनुसार आठ से 38 दिन तक है। 18 से 45 वर्ष के बेरोजगार युवक-युवतियां आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण, आवास और भोजन की सुविधा निःशुल्क है। प्रशिक्षणार्थियों को तकनीकी कौशल के साथ व्यक्तित्व विकास, बाजार सर्वे, बिजनेस प्लान, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और बैंकिंग प्रक्रिया की जानकारी भी दी जाती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं को हुनरमंद बनाकर स्वरोजगार से जोड़ने में आरसेटी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रशिक्षण को बाजार की मांग से जोड़कर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जाए।
ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण की छात्राओं ने व्यावहारिक अभ्यास के लिए प्रैक्टिकल लैब की मांग रखी। डीएम ने आवश्यक उपकरणों से लैस प्रैक्टिकल लैब तैयार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कौशल विकास में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ पर्याप्त व्यावहारिक प्रशिक्षण भी जरूरी है। निरीक्षण के दौरान एलडीएम आदित्य चंद्रा और केंद्र निदेशक रवि रंजन कुमार मौजूद रहे।


