313 स्कूलों के 1097 वाहनों की होगी नियमित जांच, छात्राओं वाली बसों में महिला परिचालक अनिवार्य
Kanpur । स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने स्कूल वाहनों की नियमित जांच के साथ चालकों का चरित्र सत्यापन और स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। छात्राओं और बालिकाओं को ले जाने वाली बसों में महिला परिचालक की अनिवार्यता भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
उन्होंने साफ किया कि बच्चों की सुरक्षा केवल स्कूल बसों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि टेंपो, ई-रिक्शा और निजी वाहनों से आने-जाने वाले विद्यार्थियों पर भी निगरानी रखी जाएगी।
सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में बुधवार को जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने विभागवार समीक्षा की। बताया गया कि जिले के 313 विद्यालयों में बच्चों के आवागमन के लिए 1097 वाहन संचालित हैं। डीएम ने इनके चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता, चरित्र सत्यापन और स्वास्थ्य परीक्षण प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए। निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने वाले वाहनों पर कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को नियमित जांच के निर्देश दिए।
डीएम ने मृत्यु वाली प्रत्येक सड़क दुर्घटना का डेथ ऑडिट कराने को कहा। अधिकारियों को घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ स्थानीय लोगों से बातचीत कर हादसे के कारण तलाशने और उसके आधार पर सड़क में सुधार कराने के निर्देश दिए।कानपुर-हमीरपुर-सागर मार्ग पर मोड़ों के आसपास झाड़ियों की कटाई, सड़क पर सीवर चैंबरों को समतल करने और दुर्घटना संभावित स्थलों पर संकेतक, रोड मार्किंग व प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराने को कहा।
आईआईटी से गोल चौराहा मार्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में डीसीपी ट्रैफिक, एडीएम सिटी, पीडब्ल्यूडी, एआरटीओ, बीएसए समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


