सीजेएम की अदालत में हुई पेशी, पुलिस ने मांगी रिमांड,कॉल डिटेल से खुल रहे संपर्क के राज
Kanpur । दवा व्यापारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस की जांच अब साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। बुधवार सुबह आरोपी बहू शालू समेत विशाल और सुब्रत को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार शुक्ला की अदालत में पेश किया गया। न्यायालय पहुंचते ही शालू ने दुपट्टे से चेहरा ढक लिया और कैमरों से बचती नजर आई। पुलिसकर्मी उसे सुरक्षा घेरे में लेकर कोर्ट पहुंचे। पेशी के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों की रिमांड के लिए न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया।
पहले तय थी अलग-अलग जिम्मेदारी, फिर बदली योजना
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में वारदात से पहले बनाई गई योजना को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। जांच में पता चला कि आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के लिए जिम्मेदारियां बांटी थीं। योजना के मुताबिक एक आरोपी को घर के भीतर जाने की और दूसरे को बाहर रहकर निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, दवा व्यापारी के मजबूत शरीर को देखते हुए आरोपियों ने मौके पर अपनी रणनीति बदल दी और दोनों अंदर चले गए।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात से पहले आरोपियों ने किस तरह तैयारी की और किसके निर्देश पर योजना में बदलाव किया गया।
कॉल डिटेल में तीनों के बीच संपर्क
जांच में पुलिस ने आरोपी विशाल, शालू और सुब्रत के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल भी खंगाली है। पुलिस के मुताबिक, तीनों के एक-दूसरे के संपर्क में रहने के साक्ष्य मिले हैं। घटना से पहले और बाद में हुए संपर्कों का मिलान घटनाक्रम से किया जा रहा है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर वारदात से जुड़ी कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
रिमांड मिली तो खुलेंगे कई सवाल
पुलिस का मानना है कि आरोपियों से विस्तृत पूछताछ में हत्या की योजना, आपसी संपर्क और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं पर और जानकारी मिल सकती है। इसी के लिए तीनों को रिमांड पर लेने का प्रार्थनापत्र कोर्ट में दिया गया है। अब न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस की आगे की पूछताछ तय होगी।


