मानसून के बीच औचक निरीक्षण में अधिशासी अभियंता समेत आठ कर्मचारी मिले अनुपस्थित, वेतन कटौती और स्पष्टीकरण के निर्देश
Kanpur। मानसून के संवेदनशील दौर में नहरों और तटबंधों की सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत सोमवार को तब सामने आ गई, जब जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने निचली गंगा नहर, कानपुर प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में अधिशासी अभियंता समेत चार सहायक अभियंता, तीन लिपिक और एक सींचपाल कार्यालय से अनुपस्थित मिले। इतना ही नहीं, कार्यालय में भ्रमण पंजिका (मूवमेंट रजिस्टर) तक नहीं मिली और कई अधिकारी उपस्थिति पंजिका पर नियमित हस्ताक्षर भी नहीं कर रहे थे। यह स्थिति देखकर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।
निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता सार्थक, प्रशांत वर्मा, राम प्रकाश और विनोद कुमार बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित पाए गए। लिपिक वीरेंद्र कुमार माथुर, एन.के. पटेल, ज्योति खन्ना और सींचपाल संजय कुमार गुप्ता भी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। डीएम ने इन सभी को 28 जुलाई के लिए अनुपस्थित मानते हुए नियमानुसार एक दिन के वेतन की कार्रवाई के निर्देश दिए।

वहीं, अधिशासी अभियंता से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है कि वर्षा ऋतु जैसे संवेदनशील समय में वे स्वयं और पूरा अभियंत्रण स्टाफ एक साथ कार्यालय से बाहर क्यों था।जिलाधिकारी ने कहा कि बारिश के मौसम में नदियों और नहरों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे समय नहरों, तटबंधों, पुल-पुलियों और जल निकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी बेहद जरूरी होती है। जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति किसी भी आपात स्थिति में भारी पड़ सकती है।
कार्यालय की कार्यप्रणाली की समीक्षा के दौरान कई कर्मचारियों से उनके पटल से जुड़े कार्यों के बारे में पूछा गया, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर डीएम ने जवाबदेही तय करने और कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए। साथ ही तत्काल भ्रमण पंजिका तैयार कराने, सभी राजपत्रित अधिकारियों के रोजाना उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर सुनिश्चित करने और क्षेत्र में जाने वाले प्रत्येक अधिकारी के आने-जाने का पूरा विवरण दर्ज करने के आदेश दिए।

डीएम ने नहरों और तटबंधों के संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों की सूची तैयार कर नियमित स्थलीय निरीक्षण कराने, अधिकारियों की क्षेत्रवार जिम्मेदारी तय करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।


