अवैध वसूली और ठेकेदारों को धमकाने का आरोप, सात फर्में ब्लैकलिस्ट; मास्टरमाइंड गोविंद शर्मा फरार
Kanpur । नगर निगम में टेंडर के नाम पर कथित अवैध वसूली और ठेकेदारों को धमकाने के मामले में मंगलवार को बड़ी कार्रवाई हुई। नगर निगम की ओर से स्वरूप नगर थाने में पांच और फजलगंज थाने में एक आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच के बाद 100 करोड़ रुपये से अधिक के टेंडर निरस्त कर दिए गए हैं। साथ ही सात फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है।
पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया कि नगर निगम में टेंडर प्रक्रिया को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि कुछ लोग ठेकेदारों पर दबाव बनाकर अवैध वसूली कर रहे हैं। नगर आयुक्त की ओर से गठित टीम ने शिकायतों की जांच की तो टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं की बात सामने आई। इसके बाद नगर निगम की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई।
पुलिस के अनुसार मामले में गोविंद शर्मा को मुख्य भूमिका में बताया जा रहा है। वह अभी फरार है। उसकी लोकेशन राजस्थान में मिली है। पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी है। इसके अलावा संदीप जैन और राजन तिवारी के नाम भी जांच में सामने आए हैं। आरोप है कि दोनों सामान्य ठेकेदारों को धमकाकर वसूली करते थे।
अफसरों की भूमिका भी जांच के घेरे में
मामले में नगर निगम के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया में किसी अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान नगर निगम में टेंडर को लेकर नगर आयुक्त समेत जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। इसके बाद हुई कार्रवाई को शासन की सख्ती से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस अब टेंडर प्रक्रिया, फर्मों की भूमिका और कथित वसूली के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।


