छह फर्जी नाम-पते बदलकर छिपा रहा था पहचान, फेस रिकग्निशन तकनीक से पुलिस ने दबोचा
Kanpur । करीब डेढ़ दशक से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी शातिर अपराधी को दक्षिण जोन की पुलिस ने रामा देवी चौराहे के पास घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। बर्रा थाने के वांछित आरोपी के खिलाफ विभिन्न थानों में फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी के करीब 17 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, वह वर्ष 2009 से फरार था और छह अलग-अलग नाम व पतों से फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोपी वर्ष 2009 से लोन दिलाने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह से जुड़ा था। गिरोह के सदस्य लोगों को आसान शर्तों पर लोन दिलाने का झांसा देकर उनसे रकम ऐंठते थे। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा।
फरारी के दौरान उसने अलग-अलग नाम और पतों के आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए, जिससे उसकी वास्तविक पहचान सामने न आ सके। पुलिस टीम ने पुराने रिकॉर्ड, सर्विलांस और आधुनिक तकनीकी संसाधनों की मदद से उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। इसी दौरान फेस रिकग्निशन तकनीक के जरिए उसकी पहचान की पुष्टि हुई।
पुख्ता जानकारी मिलने के बाद दक्षिण पुलिस टीम ने रामा देवी चौराहे के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी से लंबे समय से लंबित मामलों की जांच में भी तेजी आने की उम्मीद है। आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।


