फर्जी जमानत प्रपत्र मामले में था वांछित, 31 मुकदमों का है आरोपी
Kanpur। कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। छह साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी शिवम शर्मा को पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वर्ष 2020 में दर्ज धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के मुकदमे में वांछित था। मंगलवार को पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह ने बताया कि लखनऊ के ऐशबाग, मिल रोड निवासी शिवम शर्मा (35) के खिलाफ गैंगस्टर कोर्ट के लिपिक किरन शंकर घोष ने कोतवाली थाने में फर्जी जमानत प्रपत्र तैयार करने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। इस प्रकरण में शुरुआत में 73 लोगों को नामजद किया गया था, जबकि पुलिस जांच में आरोपियों की संख्या बढ़कर 103 हो गई थी।
पुलिस के मुताबिक, शिवम ने अपने साथियों के साथ मिलकर कूटरचित जमानत दस्तावेज तैयार किए और उन्हें असली बताकर न्यायालय में प्रस्तुत किया। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कई आरोपियों ने जेल से जमानत हासिल कर ली थी। मामले में अब तक 80 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, शिवम करीब छह वर्षों से अपनी पहचान छिपाकर फरार चल रहा था। सूचना मिली थी कि वह लखनऊ के रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय, राजाजीपुरम के पास मौजूद है। सोमवार देर रात करीब 11:56 बजे पुलिस और सर्विलांस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ कानपुर, आगरा, झांसी, लखनऊ और वाराणसी में कुल 31 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, लूट और गैंगस्टर एक्ट के मामले भी शामिल हैं। पुलिस अब फर्जी जमानत प्रकरण से जुड़े अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।


