Kanpur । कानपुर सेंट्रल के पास ट्रेन पर पथराव की सूचना से रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया, लेकिन जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त जांच में मामला महज गलतफहमी निकला। इसके बावजूद रेलवे ट्रैक के पास भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने के आरोप में चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है।
सोमवार दोपहर करीब एक बजे रेलवे कंट्रोल को सूचना मिली कि गाड़ी संख्या 20433 जम्मू मेल पर रूमा क्षेत्र के पास कुछ लोगों द्वारा पत्थर फेंके जाने की आशंका है। लोको पायलट को ट्रेन पर पथराव होने का आभास हुआ था। सूचना मिलते ही जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह और आरपीएफ प्रभारी सिद्धनाथ पाटीदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
जांच में सामने आया कि घटनास्थल पर पीडब्ल्यूआई विभाग के कर्मचारी रेलवे ट्रैक के रखरखाव कार्य में जुटे थे। ट्रेन के नजदीक आने पर लोको पायलट ने लगातार हॉर्न बजाया, जिससे श्रमिक घबरा गए और उनके हाथों में मौजूद गिट्टियां व पत्थर उछल गए। दूर से यह दृश्य लोको पायलट को पथराव जैसा प्रतीत हुआ।
पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों की फोटो और वीडियो लोको पायलट को वीडियो कॉल के माध्यम से दिखाकर पहचान कराई। इसके बाद तुषार यादव, अभिषेक, अभिषेक सोनी और प्रेमचंद को हिरासत में लेकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126, 135 और 170 के तहत कार्रवाई की गई।
जीआरपी और आरपीएफ की त्वरित जांच से स्पष्ट हो गया कि ट्रेन पर कोई वास्तविक पथराव नहीं हुआ था और मामला केवल भ्रम का था। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध घटना की तुरंत सूचना देने की अपील की है।


