निजीसीबीएसई-आईसीएसई शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा योजना में शामिल करने की मांग
स्टार्टअप नीति में संशोधन कर सेक्शन-8 कंपनियों को वित्तीय सहायता देने का प्रस्ताव
अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के प्रयोगशाला सहायकों के वेतनमान संशोधन की उठाई मांग
Kanpur ।कानपुर-उन्नाव स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा एमएलसी अरुण पाठक ने मंगलवार को लखनऊ में *मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ* से शिष्टाचार भेंट कर विभिन्न वर्गों से जुड़े तीन महत्वपूर्ण जनहित प्रस्ताव सौंपे। इन प्रस्तावों में निजी विद्यालयों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ, उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति में संशोधन तथा अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के प्रयोगशाला सहायकों के वेतनमान संशोधन की मांग प्रमुख रही।
एमएलसी अरुण पाठक ने मुख्यमंत्री को दिए पहले प्रस्ताव में प्रदेश के सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को भी मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के दायरे में शामिल किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लाखों निजी शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए उन्हें भी स्वास्थ्य सुरक्षा का समान लाभ मिलना चाहिए।
दूसरे प्रस्ताव में उन्होंने *उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति में संशोधन कर सेक्शन-8 (नॉन-प्रॉफिट) कंपनियों को भी स्टार्टअप योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय सहायता एवं फंडिंग उपलब्ध कराने का सुझाव दिया।
उनका कहना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक नवाचार के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्थाओं को इससे नई गति मिलेगी और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।
तीसरे प्रस्ताव में एमएलसी ने अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत प्रयोगशाला सहायकों का वेतनमान ₹5200–20200 ग्रेड पे ₹2800 किए जाने की मांग उठाई।उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर कर्मचारियों को न्याय दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान एमएलसी अरुण पाठक ने तीनों विषयों पर शीघ्र एवं सकारात्मक कार्रवाई का आग्रह किया, ताकि शिक्षकों, कर्मचारियों और नवाचार आधारित संस्थाओं को इसका लाभ मिल सके।


