फत्तेपुर में चार घंटे चली ध्वस्तीकरण कार्रवाई, 16 बीघा की अन्य अवैध साइटों को जारी हुआ नोटिस
Kanpur । अवैध प्लाटिंग और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए फत्तेपुर क्षेत्र में करीब 66 बीघा भूमि पर बसाई जा रही अवैध कॉलोनी को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। अभियान के दौरान सड़क, नाले, बाउंड्रीवाल, बिजली के खंभे, सीवर लाइन और निर्माणाधीन ढांचों को भी तोड़ दिया गया। वहीं केडीए ने 16 बीघा क्षेत्र में विकसित हो रही छह अन्य अवैध प्लाटिंग को चिन्हित कर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए हैं।
केडीए उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक और सचिव अभय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-3 की टीम ने यह कार्रवाई की। विशेष कार्याधिकारी एवं उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में फत्तेपुर क्षेत्र में मनोज सिंह भदौरिया व अन्य द्वारा विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया गया। प्राधिकरण के अनुसार बिना मानचित्र स्वीकृत कराए आराजी संख्या-454, 456 समेत अन्य भूखंडों पर कॉलोनी विकसित की जा रही थी और वहां आधारभूत सुविधाओं का निर्माण भी कराया जा चुका था।
चार जेसीबी मशीनों की मदद से करीब तीन घंटे 45 मिनट तक चले अभियान में कॉलोनी का प्रवेश द्वार, पिलर और निर्माणाधीन भवन पूरी तरह ध्वस्त कर दिए गए। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
डॉ. रवि प्रताप सिंह ने बताया कि प्रवर्तन जोन-3 के अंतर्गत छह अन्य अवैध प्लाटिंग भी चिन्हित की गई हैं। इनमें बिनगवां, रमईपुर, बिधनू और सेन पश्चिम पारा क्षेत्र शामिल हैं।
बिनगवां में महेश यादव की 2000 वर्गमीटर और डॉ. प्रभाकर की तीन बीघा, रमईपुर में धर्मेंद्र व महेंद्र की तीन बीघा, बिधनू में सूरज एंड सन्स बिल्डकॉन की 36 हजार वर्गमीटर तथा सेन पश्चिम पारा में चौधरी मनी यादव की तीन बीघा और श्री श्याम सोसाइटी की चार बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग चिन्हित की गई है।
उन्होंने बताया कि सभी संबंधित निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। निर्धारित समय में संतोषजनक उत्तर न मिलने पर इन साइटों पर भी सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी प्लॉट या कॉलोनी में निवेश करने से पहले केडीए से ले-आउट स्वीकृति की जांच अवश्य कर लें।


