देवकी सिनेमा इलाके में जलभराव पर फूटा गुस्सा, सात दिन का अल्टीमेटम; बोले- जरूरत पड़ी तो एफआईआर कराकर काम रुकवा दूंगा
Kanpur । लगातार बारिश के बाद गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र के कई हिस्सों में जलभराव ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे खराब हालात देवकी सिनेमा चौराहे के आसपास देखने को मिले, जहां मुख्य नाला क्षतिग्रस्त होने से गंदा पानी घरों और दुकानों में घुस गया। शुक्रवार को नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के साथ मौके पर पहुंचे विधायक सुरेंद्र मैथानी ने हालात देखकर नाराजगी जताई और मेट्रो अधिकारियों को मौके पर ही बुलाकर कड़ी फटकार लगाई।

स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रवासियों ने विधायक को बताया कि मेट्रो निर्माण के दौरान जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने से हर बारिश में यही स्थिति बन रही है। लोगों की शिकायतें सुनने के बाद विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्य जनता की परेशानी की कीमत पर नहीं हो सकते।
‘जनता परेशान हुई तो मेट्रो का काम रुकवा दूंगा’
निरीक्षण के दौरान पहुंचे मेट्रो परियोजना प्रबंधक पीएम अरविंद मीणा से विधायक ने कहा कि यदि सात दिन के भीतर जलभराव की समस्या दूर नहीं हुई तो मेट्रो निर्माण कार्य रुकवा दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा, “मेट्रो एक महीना देर से बन जाए तो कोई बात नहीं, लेकिन जनता को तकलीफ नहीं होनी चाहिए।

विधायक ने नगर आयुक्त से भी कहा कि नगर निगम के जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही सामने आए, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सात दिन की मोहलत, रोज होगी निगरानी
मेट्रो अधिकारियों ने नाला, सीवर लाइन और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सात दिन का समय मांगा। इस पर विधायक ने इसे अंतिम मौका बताते हुए सात दिन का अल्टीमेटम दे दिया। उन्होंने स्थानीय पार्षद नीरज बाजपेई को रोज शाम मौके का निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सौंपी। साथ ही कहा कि वह स्वयं भी प्रतिदिन कार्यों की समीक्षा करेंगे, ताकि किसी तरह की ढिलाई न हो।

व्यापारियों ने बताई अपनी परेशानी
निरीक्षण के दौरान दुकानदारों ने बताया कि जलभराव के कारण ग्राहकों का आना बंद हो गया है और दुकानों में गंदा पानी भरने से सामान भी खराब हो रहा है। कई लोगों ने कहा कि हर बारिश में यही स्थिति बन जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो रहा।
विधायक ने भरोसा दिलाया कि जनता की समस्या का समाधान होने तक प्रशासन और मेट्रो अधिकारियों पर लगातार दबाव बनाया जाएगा।निरीक्षण के दौरान नगर निगम, जल संस्थान और मेट्रो के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय पार्षद, व्यापारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
विधायक ने दोहराया कि वह मेट्रो परियोजना के विरोधी नहीं हैं, लेकिन पहले जल निकासी और सीवर व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए। इसके बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए, क्योंकि विकास का उद्देश्य जनता को राहत देना है, परेशानी बढ़ाना नहीं।


