चार सिपाहियों की निगरानी में भर्ती था बदमाश, चकमा देकर फरार; कुछ घंटों में दोबारा गिरफ्तारी, लापरवाही की जांच शुरू
Kanpur । हैलट अस्पताल में भर्ती एक घायल बदमाश के फरार होने की घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोल दी। मुठभेड़ में घायल आरोपी चार पुलिसकर्मियों की निगरानी में था, बावजूद इसके वह आसानी से चकमा देकर भाग निकला। हालांकि बाद में पुलिस ने उसे दोबारा पकड़ लिया, लेकिन इस लापरवाही ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
निगरानी में चूक या लापरवाही?
बर्रा क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद जूही परमपुरवा निवासी मुन्ना को गोली लगने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी सुरक्षा में चार सिपाही तैनात थे, लेकिन शुक्रवार सुबह वह बिना किसी प्रतिरोध के फरार हो गया। पुलिसकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं।
लूट के बाद मुठभेड़ में पकड़ा गया था आरोपी
मुन्ना ने अपने साथी के साथ मिलकर गुरुवार सुबह हाईवे पर मोहित निषाद से तमंचे के दम पर बाइक और मोबाइल लूट लिया था। घटना के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने देर रात चेकिंग के दौरान बदमाशों को घेर लिया। इस दौरान हुई फायरिंग में मुन्ना घायल हो गया, जबकि उसका साथी भाग निकला।
फरारी से मचा हड़कंप, तुरंत हरकत में आई पुलिस
अस्पताल से फरारी की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में तीन टीमें गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की गई। कुछ ही घंटों में पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया।
जिम्मेदारी तय करने की तैयारी
एडीसीपी साउथ योगेश कुमार के मुताबिक, पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अस्पताल में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।घटना ने यह साफ कर दिया है कि अपराधियों पर सख्ती के दावों के बीच सुरक्षा व्यवस्था में जरा सी ढिलाई भी बड़ी चूक साबित हो सकती है।


