24 घंटे तैनात रहेंगे इंजीनियर और सुपरवाइजर
बरसात के दौरान सभी पम्पिंग स्टेशनों पर अवर अभियंता और सुपरवाइजर की शिफ्टवार 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। तैनात अधिकारियों के नाम और मोबाइल नंबर का बोर्ड पम्पिंग स्टेशन के मुख्य द्वार पर लगाया जाएगा। इन नंबरों का प्रकाशन समाचार पत्रों में भी कराया जाएगा, ताकि आपात स्थिति में नागरिक और कंट्रोल रूम सीधे संपर्क कर सकें।
Kanpur । मानसून से पहले शहर को जलभराव से बचाने के लिए नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने जलभराव वाले संवेदनशील क्षेत्रों और सीवेज पम्पिंग स्टेशनों का औचक निरीक्षण किया। जूही खलवा पुल और मुंशीपुरवा पम्पिंग स्टेशन में खराब पम्प और ट्रांसफार्मर मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त सबसे पहले जूही खलवा पुल (राखी मंडी) स्थित सीवेज पम्पिंग स्टेशन पहुंचे। यहां कुल पांच मोटर पम्प स्थापित हैं, जिनमें 430 एचपी और 190 एचपी के एक-एक पम्प खराब मिले। उन्होंने उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारियों को बरसात से पहले दोनों पम्पों की मरम्मत कर पूरी क्षमता से चालू कराने और अतिरिक्त पम्प स्टैंडबाय रखने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने मुंशीपुरवा सीवेज पम्पिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। यहां छह मोटर पम्पों में से एक पम्प बंद मिला। साथ ही दो ट्रांसफार्मरों में से एक फुंका हुआ पाया गया। इस पर नगर आयुक्त ने अधिशाषी अभियंता को फटकार लगाते हुए वर्षा ऋतु से पहले सभी उपकरणों को दुरुस्त कर संचालन सुनिश्चित करने को कहा। बिजली बाधित होने की स्थिति में डीजी सेटों के लिए पर्याप्त डीजल की अग्रिम व्यवस्था रखने के भी निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने नालियों की तलीझार सफाई पर विशेष जोर दिया। स्वास्थ्य और अभियंत्रण विभाग को निर्देश दिए गए कि पम्पिंग स्टेशनों के आसपास की नालियों की गहराई से सफाई कराई जाए ताकि जल निकासी बाधित न हो। जलभराव वाले क्षेत्रों में पहले से डिवाटरिंग पम्प तैनात रखने और उनके ऑपरेटरों के मोबाइल नंबर कंट्रोल रूम में दर्ज कराने को भी कहा गया।
निरीक्षण में मुख्य अभियंता, महाप्रबंधक जलकल, अधिशाषी अभियंता जलकल जोन-3, सहायक अभियंता जल निगम ग्रामीण और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


