बरईगढ़ के पास भोर में हुआ हादसा, ग्रामीण बोले- शिकायतों के बाद भी नहीं चेता विभाग
Kanpur। साढ़-कुड़नी मार्ग पर बरईगढ़ गांव के पास रामगंगा नहर पर बना ब्रिटिशकालीन पुल रविवार तड़के तेज जलप्रवाह के दबाव में ढह गया। पुल टूटने से क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया। हालांकि हादसा भोर में होने से बड़ा अनर्थ टल गया, क्योंकि उस समय पुल पर आवाजाही नहीं थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तड़के नहर की ओर से तेज कड़कड़ाहट की आवाज सुनाई दी। आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो देखा कि दशकों पुराना पुल बीच से टूटकर नहर में समा चुका था। सुबह तक घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुल लंबे समय से जर्जर था और खंभों के आसपास लगातार कटान हो रहा था। विभाग को कई बार इसकी जानकारी देने के बावजूद मरम्मत या सुरक्षा संबंधी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह हादसा दिन में होता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
उधर, नहर विभाग ने घटना को प्राकृतिक दबाव का परिणाम बताया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इन दिनों नहर में पानी का डिस्चार्ज अधिक होने से तेज बहाव बना हुआ था, जिसे पुराना ढांचा सहन नहीं कर पाया।
क्षेत्रीय जेई आशीष पाल ने बताया कि पुल ब्रिटिशकालीन था और अपनी आयु पूरी कर चुका था। उन्होंने कहा कि पास में निर्माणाधीन नए पुल से वैकल्पिक आवागमन शुरू करा दिया गया है। साथ ही सुरक्षा को देखते हुए नए पुल पर जल्द रेलिंग लगाने का कार्य भी कराया जाएगा।


