500 से ज्यादा जान बचा चुके जाजमऊ के नाविक, फिर बने दो जिंदगियों के रक्षक
Kanpur । जाजमऊ गंगा पुल पर रविवार को दो लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ी तो हमेशा की तरह नाविकों ने मोर्चा संभाल लिया। करीब एक घंटे के भीतर पुल से दो लोगों ने गंगा में छलांग लगा दी। दोनों बार नाविकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर नदी में छलांग लगाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। नाविकों का कहना है कि अब तक वे 500 से अधिक लोगों की जान बचा चुके हैं।
पहली घटना सुबह करीब 11:30 बजे हुई। शिवकटरा निवासी अशोक कुमार नशे की हालत में जाजमऊ पुल पर पहुंचा और अचानक गंगा में छलांग लगा दी। उसे नदी में गिरता देख गोताखोर छोटेलाल, पप्पू और अन्य नाविक तत्काल सक्रिय हो गए। कुछ ही देर में उन्होंने अशोक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इसके करीब 30 मिनट बाद ही दूसरी घटना हुई। एक महिला अपने पति के साथ बाइक से उन्नाव जा रही थी। पुल पर उसने चप्पल गिरने की बात कहकर पति से बाइक रुकवाई। बाइक रुकते ही महिला अचानक गंगा में कूद गई। यह देखते ही नाविकों ने बिना समय गंवाए नाव नदी की ओर दौड़ा दी और महिला को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों का मेडिकल परीक्षण कराया। जाजमऊ थाना प्रभारी के अनुसार दोनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई है। मेडिकल के बाद दोनों को उनके स्वजन के सुपुर्द कर दिया गया।
जान बचाते हैं, फिर भी मदद का इंतजार
नाविकों ने बताया कि जाजमऊ पुल पर लगातार ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। वे किसी की जिंदगी बचाने के लिए हर बार नदी में उतर जाते हैं। अब तक 500 से ज्यादा लोगों को बचाने का दावा करने वाले नाविकों ने प्रशासन और सरकार से नियमित आर्थिक सहायता या भत्ते की मांग की है। उनका कहना है कि जोखिम भरे इस काम के लिए सरकारी स्तर पर व्यवस्था होने से उनका हौसला बढ़ेगा और वे और बेहतर तरीके से लोगों की जान बचा सकेंगे।


