Kanpur । आईसीएआर-अटारी जोन-3, कानपुर में लैंडस्केप डायग्नोस्टिक सर्वे के लिए ओपन डाटा किट (ओडीके) आधारित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार को शुरू हुआ। कार्यक्रम का आयोजन आईसीएआर-अटारी, कानपुर और इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईएफपीआरआई), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

प्रशिक्षण का उद्देश्य कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के वैज्ञानिकों को आधुनिक डिजिटल सर्वेक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण देना है, ताकि किसानों से उनकी खेती, स्थानीय समस्याओं और जरूरतों से जुड़ी सटीक एवं विश्वसनीय जानकारी जुटाई जा सके। एकत्र आंकड़ों के आधार पर कृषि अनुसंधान, नई तकनीकों के विकास और किसानों के लिए उनकी जरूरत के अनुरूप योजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में सीजीआईएआर और आईएफपीआरआई के विशेषज्ञ डॉ. आरके मलिक, डॉ. अरिंदम और डॉ. मधुलिका शामिल हुए। उद्घाटन अवसर पर आईसीएआर-अटारी, कानपुर के निदेशक डॉ. राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण आंकड़े कृषि प्रसार व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत हैं। ओडीके प्लेटफॉर्म के जरिए जुटाए गए आंकड़े किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझने और वैज्ञानिक निर्णय लेने में सहायक होंगे।
डॉ. मलिक ने कहा कि सर्वे का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक जिले के किसानों की स्थानीय आवश्यकताओं और चुनौतियों को समझना है। इससे कृषि अनुसंधान और कृषि विस्तार गतिविधियों को जमीनी जरूरतों के अनुरूप संचालित किया जा सकेगा। प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न केवीके के वैज्ञानिकों ने भाग लिया।


