फर्जी खातों और बैंक कर्मियों की मिलीभगत से चलता था नेटवर्क
आकाश चौधरी
Kanpur। थाना पनकी पुलिस और पश्चिम जोन साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह से जुड़े दो आरोपियों जगदीशचंद्र गुप्ता और रोहित भसीन को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी लोगों को डराकर ठगी करने और फर्जी बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर करने का काम करते थे।
साइबर पोर्टल शिकायतों से खुला मामला
पुलिस के अनुसार साइबर पोर्टल पर लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर संदिग्ध खातों की जांच की गई। जांच के दौरान “बालाजी फाउंडेशन” के नाम से संचालित एक बैंक खाते में भारी लेनदेन मिलने पर पुलिस को गिरोह की जानकारी मिली। यह खाता जगदीशचंद्र गुप्ता के नाम पर आईसीआईसीआई बैंक में संचालित था।पुलिस जांच में सामने आया कि इस खाते में करीब 10 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था।
वहीं एक ही ट्रांजैक्शन में 3.25 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका सहयोगी रोहित भसीन फर्जी एवं म्यूल खाते खुलवाने में मदद करता था।
बैंक कर्मियों की मिलीभगत आई सामने
पुलिस ने बताया कि नोएडा स्थित आईसीआईसीआई बैंक के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी खाते खोले जाते थे। जांच में बैंक कर्मचारी मुकुल वर्मा और धीरज के नाम सामने आए हैं, जो शाखा प्रबंधक और डिप्टी शाखा प्रबंधक पद पर तैनात थे। दोनों को गुजरात पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।गिरोह के सदस्य 16 मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर अलग-अलग भाषाओं में लोगों को कॉल करते थे। आरोपित खुद को पुलिस, सीबीआई या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाते थे और उनसे बड़ी रकम ठग लेते थे।
आठ राज्यों तक फैला था नेटवर्क
जांच में पता चला कि गिरोह का नेटवर्क देशभर में फैला हुआ था। आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और तमिलनाडु समेत आठ राज्यों से संबंधित शिकायतें मिली हैं। आरोपी बैंक खातों की ट्रांजैक्शन लिमिट बढ़वाकर आरटीजीएस और एनईएफटी के माध्यम से तुरंत रकम दूसरे खातों में भेज देते थे।
पुलिस के मुताबिक जगदीशचंद्र गुप्ता पहले बिजली चोरी के मामले में जेल जा चुका है, जबकि रोहित भसीन विभिन्न राज्यों में साइबर अपराध के मामलों में वांछित रहा है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।


