मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू, आश्रित परिवारों को भी मिलेगा लाभ; 1,200 रुपये की डीबीटी राशि भी जारी
Kanpur । मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत कानपुर नगर के 11,484 शिक्षक एवं शिक्षा कार्मिकों को अब ₹5 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। इस योजना का लाभ उनके आश्रित परिवारों को भी मिलेगा। लाभार्थियों में 5,936 शिक्षक, 1,968 शिक्षामित्र, 122 अनुदेशक, 20 विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन) और 3,438 रसोइये शामिल हैं।
बुधवार को मर्चेंट चेंबर हॉल में आयोजित जनपद स्तरीय कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने लाभार्थियों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। कार्यक्रम से पहले वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। बिल्हौर, घाटमपुर और नरवल तहसीलों में भी समानांतर कार्यक्रम आयोजित कर कार्ड बांटे गए।
राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग पूरी कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 12 लाख से अधिक शिक्षक एवं शिक्षा कार्मिक इस योजना से लाभान्वित होंगे और इसके संचालन पर सरकार करीब ₹450 करोड़ खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने के बाद अब सरकार ने शिक्षकों के परिवारों को इलाज की चिंता से भी मुक्त करने का प्रयास किया है।
कार्यक्रम के दौरान परिषदीय विद्यालयों के लगभग 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी खरीदने हेतु प्रति छात्र ₹1,200 की डीबीटी राशि भी जारी की गई। इस मद में ₹1,300 करोड़ से अधिक की धनराशि अभिभावकों के खातों में भेजी गई।
मंत्री ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक के साथ हुए एमओयू के तहत शिक्षकों को ₹30 लाख से ₹80 लाख तक का बीमा सुरक्षा कवर भी मिलेगा, जिसके लिए कोई अतिरिक्त प्रीमियम नहीं देना होगा। योजना का लाभ लेने के लिए पात्र शिक्षक एवं शिक्षा कार्मिकों को पोर्टल पर स्वयं और अपने आश्रितों का विवरण दर्ज कराना होगा। सत्यापन और ई-केवाईसी के बाद कैशलेस चिकित्सा कार्ड जारी किया जाएगा।
कार्यक्रम में सांसद रमेश अवस्थी, विधायक नीलिमा कटियार, विधायक महेश त्रिवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।


