आस्था की आड़ में ठगी का आरोप, 40 हजार रुपये लेने और दुष्कर्म के प्रयास की शिकायत पर कार्रवाई
Kanpur देहात। बीमारियों के चमत्कारी इलाज का दावा कर लोगों की आस्था और मजबूरी का फायदा उठाने वाले कथित ‘बोतल बाबा’ की गतिविधियां सवालों के घेरे में आ गई हैं। चैन के पुरवा गांव स्थित एक शक्तिपीठ में लोगों का उपचार करने का दावा करने वाले हरिओम यादव उर्फ ‘बोतल बाबा’ के खिलाफ एक महिला ने ठगी और दुष्कर्म के प्रयास का मामला दर्ज कराया है। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
बताया जाता है कि हरिओम यादव लंबे समय से बोतल में पानी भरकर उस पर फूंक मारने के जरिए बीमारियों को ठीक करने का दावा करता था। उसके पास दूर-दराज से लोग अपनी बीमारियों के उपचार की उम्मीद लेकर पहुंचते थे। आरोप है कि वह कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों को भी चमत्कारी तरीके से ठीक करने का भरोसा देता था। इसी भरोसे के आधार पर कई लोग उसके संपर्क में आते थे।
पीड़ित महिला का आरोप है कि इलाज और विशेष अनुष्ठान के नाम पर उससे करीब 40 हजार रुपये लिए गए। महिला के अनुसार जब उसने उपचार के संबंध में सवाल किए तो आरोपी ने उसे बहलाने का प्रयास किया। बाद में उसने महिला के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद महिला ने हिम्मत जुटाकर पुलिस से शिकायत की।
महिला का यह भी आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद उसे लगातार दबाव का सामना करना पड़ रहा है। उसके मुताबिक आरोपी और उसका एक रिश्तेदार थाने में मौजूद रहकर उस पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। महिला ने पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।
मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग बाबा के पास इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते थे। अब गंभीर आरोप लगने के बाद उसकी कथित चमत्कारी शक्तियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और सभी आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर अंधविश्वास और चमत्कारी इलाज के नाम पर चल रहे दावों की सत्यता पर बहस छेड़ रहा है। विशेषज्ञ भी लोगों से अपील कर रहे हैं कि गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए वैज्ञानिक और प्रमाणित चिकित्सा पद्धति पर ही भरोसा करें।


