काकादेव स्थित आवास पर भारी पुलिस बल तैनात, समर्थकों ने किया प्रदर्शन,
Kanpur । परमट स्थित प्राथमिक विद्यालय के शिलान्यास को लेकर गुरुवार को शहर में सियासी तनाव चरम पर पहुंच गया। समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेयी के प्रस्तावित भूमि पूजन कार्यक्रम से पहले प्रशासन ने उनके काकादेव स्थित आवास पर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी। देर रात से ही पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई थी। सुबह होते ही विधायक समर्थकों के जुटने पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई।

पुलिस द्वारा विधायक को घर से बाहर निकलने से रोके जाने की खबर फैलते ही सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। समर्थकों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। कुछ देर के लिए इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई, हालांकि बाद में पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाकर माहौल शांत कराया।

डमरू बजाकर बोले- “बाबा भोलेनाथ पूरा करेंगे सपना”
विवाद के बीच विधायक अमिताभ बाजपेयी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में विधायक डमरू बजाते नजर आए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि “बाबा भोलेनाथ बच्चों का सपना पूरा करेंगे।” विधायक ने दावा किया कि क्षेत्र के गरीब बच्चों के लिए बनने वाले स्कूल को जानबूझकर रोका जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जब तक स्कूल का निर्माण शुरू नहीं होगा, तब तक वह जूता-चप्पल और ऊपर का वस्त्र धारण नहीं करेंगे। विधायक ने संविधान की शपथ लेते हुए कहा कि स्कूल का निर्माण उसी स्थान पर कराया जाएगा और इसके लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह लड़ाई राजनीति नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की है।
वर्चुअल शिलान्यास और पांच शिलाओं के पूजन की घोषणा
प्रशासनिक रोक के बाद विधायक ने हवन-पूजन के जरिए वर्चुअल शिलान्यास करने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि पांच शिलाओं का पूजन किया जाएगा, जिन्हें बाद में स्कूल निर्माण पूरा होने पर स्थापित किया जाएगा। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका किसी सांसद या अन्य जनप्रतिनिधि से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी जनप्रतिनिधि स्कूल निर्माण कराना चाहता है तो उसका स्वागत है।
समर्थकों ने लगाए संघर्ष के नारे
काकादेव स्थित विधायक आवास के बाहर बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग जुटे। कार्यकर्ताओं ने “अमिताभ तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं” और “स्कूल बनाकर रहेंगे” जैसे नारे लगाए। करीब 20 मिनट तक चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी बहस भी हुई। पुलिस की मौजूदगी के चलते स्थिति नियंत्रण में रही।
क्या है पूरा विवाद
परमट स्थित प्राथमिक विद्यालय का पुराना भवन काफी समय से जर्जर था, जिसे कुछ समय पहले ढहा दिया गया था। स्थानीय निवासियों और विधायक का आरोप है कि स्कूल की बेशकीमती जमीन पर भू-माफियाओं की नजर है और प्रशासन निर्माण कार्य में देरी कर रहा है। उनका कहना है कि स्कूल न बनने से गरीब बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
वहीं भाजपा समर्थकों का आरोप है कि बिना प्रशासनिक अनुमति के कार्यक्रम आयोजित कर माहौल खराब करने की कोशिश की गई। बुधवार को सपा विधायक और भाजपा नेता सुरेश अवस्थी के समर्थकों के बीच नारेबाजी के बाद विवाद और बढ़ गया था।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी सियासी जंग
विधायक की नजरबंदी और पुलिस तैनाती की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी बयानबाजी तेज हो गई। सपा समर्थकों ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया, जबकि भाजपा खेमे ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई को जरूरी बताया। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और इलाके में शांति व्यवस्था कायम है।


