सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद पांच साल बाद जेल से बाहर आया आरोपी, पुलिस रखेगी गतिविधियों पर नजर
Kanpur । उत्तर प्रदेश के चर्चित बिकरू कांड में आरोपी और गैंगस्टर विकास दुबे के करीबी जयकांत बाजपेयी उर्फ जय बाजपेयी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। करीब पांच साल तक जेल में रहने के बाद गुरुवार को उसे कानपुर देहात की माती जिला जेल से रिहा कर दिया गया। उसकी रिहाई के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
जेल अधीक्षक धीरज कुमार सिन्हा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने और स्थानीय अदालत से रिलीज ऑर्डर प्राप्त होने के बाद सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर जय बाजपेयी को रिहा किया गया। वह जुलाई 2020 से माती जिला जेल में बंद था।
जय बाजपेयी को कुख्यात अपराधी विकास दुबे का ‘खजांची’ माना जाता था। जांच एजेंसियों के अनुसार वह विकास दुबे के अवैध धन को ठिकाने लगाने, रियल एस्टेट में निवेश कराने और आर्थिक नेटवर्क संभालने का काम करता था। उस पर बिकरू कांड के आरोपियों को हथियार, कारतूस और वाहन उपलब्ध कराने के भी आरोप लगे थे।
गौरतलब है कि 2-3 जुलाई 2020 की रात कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र स्थित बिकरू गांव में दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने हमला कर दिया था। इस हमले में एक सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। बाद में विकास दुबे पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था, जबकि उसके कई सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था।
जय बाजपेयी की रिहाई को देखते हुए पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। उस पर गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।


