रायपुरवा केंद्र में 252 पशु-पक्षियों का उपचार, स्कूली बच्चों को कराया जाएगा भ्रमण
Kanpur । पशुओं के उपचार, देखभाल और संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (एसपीसीए) की बैठक हुई। इसमें रायपुरवा स्थित एसपीसीए केंद्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने केंद्र में पूर्णकालिक चिकित्सक की तैनाती के निर्देश दिए। चिकित्सक के चयन के लिए समिति गठित कर 15 दिन में चयन प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया। बैठक में बताया गया कि रायपुरवा एसपीसीए में अब तक विभिन्न प्रजातियों के 252 पशु-पक्षियों का उपचार किया जा चुका है। इनमें 76 कुत्ते, 97 गोवंशीय पशु, आठ घोड़े, दो भैंस, 25 चील, 21 कबूतर, तीन गिद्ध, तीन मोर, एक उल्लू, दो लंगूर, छह बंदर, तीन बिल्लियां और पांच बगुले शामिल हैं।
केंद्र में पशुओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि कैमरों के जरिए केंद्र की गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाए और घायल व बीमार पशुओं को समय से उपचार मिले।
बच्चों में विकसित होगी करुणा
पशुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए स्कूली बच्चों को एसपीसीए केंद्र का भ्रमण कराया जाएगा। बच्चों को घायल व बेसहारा पशुओं की मदद, उनकी देखभाल और पशु क्रूरता की रोकथाम के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य बच्चों में दया, करुणा और सेवा का भाव विकसित करना है।बैठक में सीडीओ अभिनव जे. जैन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. निरंजन सहित एसपीसीए समिति के सदस्य मौजूद रहे।


