कृषि विज्ञान केंद्र दलीप नगर में पांच दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ, किसानों को दिखाई कृषि यंत्रों की लघु फिल्म
Kanpur । चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) कानपुर के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र दलीप नगर में मंगलवार को फसल अवशेष प्रबंधन पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। 8 से 12 सितंबर तक चलने वाले प्रशिक्षण में किसानों को फसल अवशेष न जलाने और वैज्ञानिक तरीके से उनका प्रबंधन करने के लिए जागरूक किया गया।

मुख्य अतिथि एवं केंद्र प्रभारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि किसान फसल अवशेषों में आग लगाने के बजाय उन्हें खेत में ही सड़ाकर जैविक खाद के रूप में उपयोग करें। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहने के साथ खेत की सेहत में भी सुधार होगा।
डॉ. निमिषा अवस्थी ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से निकलने वाला धुआं पर्यावरण के साथ मानव स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं इसके प्रभाव के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। उन्होंने बताया कि जिले में धान और गेहूं का फसल चक्र प्रमुख होने के कारण बड़ी मात्रा में अवशेष निकलते हैं। इन्हें जलाने से मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं।
उन्होंने किसानों से फसल अवशेष प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने की अपील की। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को फसलों में उपयोग होने वाले प्रमुख कृषि यंत्रों के प्रयोग पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।
कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डॉ. शशिकांत ने किया। इस अवसर पर डॉ. राजेश राय, डॉ. खलील खान, डॉ. अरुण कुमार सिंह, डॉ. दीपक मिश्रा सहित प्रगतिशील किसान शिवकुमार, विवेक कुमार, राहुल कुमार, कुलदीप, विष्णु कुमार, राजू राजपूत और माया देवी समेत 25 किसानों ने प्रशिक्षण में भाग लिया।


