Kanpur। पांडु नदी में जलस्तर बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति का शुक्रवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने जायजा लिया। उन्होंने अंबेडकर नगर, पिपौरी समेत प्रभावित बस्तियों में पहुंचकर लोगों से बातचीत की और राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली। अंबेडकर नगर में विधायक सुरेंद्र मैथानी के साथ उन्होंने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। अब तक करीब 500 परिवारों को राहत किट दी जा चुकी हैं।

प्रशासन के प्रारंभिक आकलन के मुताबिक पांडु नदी के कैचमेंट एरिया में बसी बस्तियों के करीब एक हजार परिवार आंशिक रूप से प्रभावित हैं। गुजैनी के मायापुरम व रविदासपुरम, पिपौरी, मर्दनपुर, मेहरबान सिंह का पुरवा, जरौली के गोपाल नगर, वरुण विहार, बर्रा, पनका और बहादुर नगर में जलभराव हुआ है।

राहत किट में आटा, चावल, दाल, चना, चीनी, नमक, तेल, बिस्कुट और मसालों के साथ साबुन, सैनिटरी पैड, तिरपाल, बाल्टी-मग समेत रोजमर्रा की जरूरत का सामान दिया जा रहा है। प्रत्येक परिवार को 10 किलो आलू और 2.5 किलो लाई भी दी जा रही है।
पिपौरी में एनडीआरएफ तैनात
पिपौरी में एनडीआरएफ की टीम तैनात है। टीम के मुताबिक गांव की ओर जाने वाले रास्ते पर करीब डेढ़ फुट तक पानी है, जो धीरे-धीरे कम हो रहा है। प्रशासन की ओर से कम्युनिटी किचन भी चलाया जा रहा है, जहां रोज करीब 400 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों के बजाय घरों में रह रहे प्रभावित परिवारों को भी चिह्नित कर उनके घर तक राहत सामग्री पहुंचाई जाए। पानी उतरते ही विशेष सफाई अभियान चलाने, कचरा हटाने, एंटी-लार्वा और कीटाणुनाशक का छिड़काव कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को दवाओं की उपलब्धता, पेयजल की गुणवत्ता और संक्रामक रोगों की निगरानी के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि गंगा और यमुना का जलस्तर फिलहाल चेतावनी बिंदु से नीचे है। पांडु नदी मौसमी होने के कारण जलस्तर बढ़ने से निचले क्षेत्रों में जलभराव हुआ है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।


