Kanpur । जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह अपनी अलग कार्यशैली के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं। जनता दर्शन में भी वह जनसमस्याओं के समाधान के साथ सामाजिक संदेश देने का कोई मौका नहीं छोड़ते। गुरुवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया, जब पिता के नाम दर्ज शस्त्र लाइसेंस को वरासत के आधार पर अपने नाम कराने पहुंचे एक व्यक्ति को डीएम ने पहले गुटखा और पान मसाला छोड़ने की नसीहत दे दी।
जनता दर्शन में व्यक्ति शस्त्र लाइसेंस के हस्तांतरण का आवेदन लेकर पहुंचा था। बातचीत के दौरान डीएम की नजर उसके पास रखे पान मसाले पर पड़ी। उन्होंने नाराजगी जताने के बजाय सहज अंदाज में कहा कि पहले पान मसाला और गुटखा छोड़िए, फिर लाइसेंस की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
डीएम ने आवेदक से कहा कि वह अपने दादा, पिता और नरवल गांव के प्रधान से शपथपत्र लेकर आए। इसमें यह उल्लेख होना चाहिए कि वह आगे से गुटखा या पान मसाला का सेवन नहीं करेगा। शपथपत्र और अन्य जरूरी अभिलेख प्रस्तुत होने के बाद ही वरासत के आधार पर शस्त्र लाइसेंस के हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
हालांकि, लाइसेंस का हस्तांतरण सभी निर्धारित नियमों और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही संभव होगा। डीएम की इस पहल को नशे से दूर रहने का संदेश देने वाली अनूठी पहल के तौर पर देखा जा रहा है।


