कानपुर नगर में सबसे अधिक सात पर्यटन परियोजनाएं, मंदिरों, संग्रहालयों और ईको-टूरिज्म पर रहेगा विशेष जोर
Kanpur । उत्तर प्रदेश सरकार ने कानपुर मंडल को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को मंडल की पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत करीब ₹31.80 करोड़ की लागत वाली 25 पर्यटन विकास परियोजनाओं के रोडमैप को अंतिम रूप दिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा कराने और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

योजना के तहत कानपुर नगर को सबसे अधिक सात परियोजनाएं मिली हैं। इनके अलावा इटावा और कानपुर देहात में पांच-पांच, कन्नौज व फर्रुखाबाद में तीन-तीन तथा औरैया में दो परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। बिठूर का ज्वाला देवी मंदिर, बिल्हौर का शंखुला देवी मंदिर, कल्याणपुर का भूतेश्वर महादेव मंदिर और घाटमपुर का मां फूलमती मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से विकसित किया जाएगा। इटावा, कन्नौज, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद और औरैया के प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
बैठक में संस्कृति विभाग ने रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण, फर्रुखाबाद में संग्रहालय और कन्नौज में बाल संग्रहालय की स्थापना के प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए। वहीं फर्रुखाबाद के दफरपुर वेटलैंड के निकट लगभग ₹4 करोड़ की ईको-टूरिज्म परियोजना की समीक्षा की गई, जिसमें नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर, वॉच टावर, योगा पवेलियन, गज़ेबो और अन्य पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाएं बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित करना भी है। उन्होंने एक करोड़ रुपये तक की सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को नवंबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों के साथ पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।


