Tokyo । भारतीय महिला बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने मेजबान देश की खिलाड़ी अकाने यामागुची को हराकर जापान ओपन बैडमिंटन खिताब जीत लिया है। सिंधु ने महिला एकल के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए यामागुची को सीधे गेम में 21-17, 21-17 से हराया। इसी के साथ ही सिंधु ये खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बन गयी हैं। इस जीत के साथ ही सिंधु ने 19 महीने के बाद एक बार फिर खिताबी जीत हासिल कर दिखा दिया है कि अभी उनकी लय बनी हुई है।
इससे पहले उन्होंने दिसंबर 2024 में सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफी थी, जिसके बाद से किसी भी बड़े टूर्नामेंट में उन्हें जीत नहीं मिली। जापान ओपन की यह ट्रॉफी 2019 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उनकी सबसे बड़ी खिताबी जीत मानी जा रही है।
सिंधु ने मुकाबले में शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया।
पहले गेम में उन्होंने यामागुची को 21-17 से हराया। दूसरे गेम में भी सिंधु ने अपनी स्मैश और कोर्ट कवरेज का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए यामागुची को बैकफुट पर धकेल दिया। सिंधु ने 21-17 से दूसरा गेम भी जीतने के साथ ही खिताब अपने नाम किया। ये सिंधु और अकाने यामागुची के बीच 30वां मुकाबला था।
इस मुकाबले से पहले हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में यामागुची का पलड़ा भारी था पर इस शानदार जीत के साथ सिंधु ने अपने आंकड़े को और बेहतर किया है। यह यामागुची के खिलाफ सिंधु की 14वीं जीत थी, जबकि यामागुची ने उनके खिलाफ 16 मैच जीते हैं। इस जीत ने दोनों खिलाड़ियों के बीच की प्रतिद्वंद्विता को और रोमांचक बना दिया है। फाइनल में पहुंचने से पहले, सिंधु ने सेमीफाइनल में चीनी खिलाड़ी चेन युफेई को हराया था।
जापान ओपन में मिली यह ऐतिहासिक सफलता न केवल पीवी सिंधु के व्यक्तिगत करियर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह भारतीय बैडमिंटन के लिए भी एक गर्व का क्षण है।


