New Jersey । फीफा विश्व कप फुटबॉल में सबसे अधिक गोल के लिए मिलने वाले गोल्डन बूट पुरस्कार की दौड़ में फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे और अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी में बीच मुकाबला है। एम्बाप्पे के नाम अभी 10 गोल हैं जबकि मेसी के नाम 8 गोल हैं। ऐसे में मेसी को एम्बाप्पे से आगे निकलने के लिए 3 गोलों की जरुरत है।
अर्जेंटीना की टीम टूर्नामेंट की डिफेंडिंग चैंपियन है और ऐसे में स्पेन के खिलाफ मुकाबले में मेसी की नजरें तीन गोल दागने पर रहेंगी। मेसी ने अपनी टीम के लिए अब तक बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया है ओर लगातार गोल किये हैं। नॉकआउट मैचों में हलांकि उनके व्यक्तिगत गोल की संख्या में थोड़ी कमी आई है पर अभी भी उनके नाम 8 गोल हैं और वह गोल्डन बूट के दावेदारों में दूसरे स्थान पर हैं।
नॉकआउट राउंड्स में भले ही मेसी के व्यक्तिगत गोल स्कोर में उतनी बढ़ोतरी न हुई हो, लेकिन उन्होंने गोल दागने में सहायता कर अपनी टीम को खिताबी मुकाबले तक जरुर पहुंचाया है। मैदान पर उनकी उपस्थिति और नेतृत्व क्षमता ने टीम को कई कठिन क्षणों से उबारा है। अब जबकि टूर्नामेंट अपने अंतिम चरण में है, प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि मेसी न केवल अपनी टीम को विश्व कप दिलाएं, बल्कि गोल्डन बूट के साथ अपने शानदार सफर का समापन भी करें। गोल्डन बूट जीतने के लिए मेसी को फाइनल मैच में कम से कम 3 और गोल दागने होंगे। यह एक बेहद कठिन चुनौती है, खासकर एक विश्व कप फाइनल के अत्यधिक दबाव में, जहां हर टीम की रक्षा पंक्ति मजबूत और अभेद्य होती है।
अगर मेसी यह करिश्मा कर पाते हैं और 3 गोल दागकर गोल्डन बूट जीतते हैं, तो यह लगभग तय हो जाएगा कि अर्जेंटीना की टीम लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनेगी। मेसी के अलावा, अर्जेंटीना के बाकी खिलाड़ी भी शानदार फॉर्म में हैं और टीम एकजुट होकर खेल रही है, जिससे उनके विरोधी टीम के लिए फाइनल जीतना बेहद मुश्किल होगा।


