Mumbai । एक ओर जहां भारतीय टीम के अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलें चल रही हैं। वहीं रोहित के बचपन के कोच दिनेश लाड चाहते हैं कि रोहित अभी खेलते रहें। रोहित के बचपन के कोच दिनेश लाड ने कहा कि वह गुरुदक्षिणा के तौर पर आगामी एकदिवसीय विश्वकप खेलें। इस कोच का मानना है कि रोहित के पास अभी भी टीम को देने के लिए बहुत कुछ है और वह उन्हें भारतीय टीम की नीली जर्सी में एक और विश्व कप खेलते देखना चाहते हैं।
लाड ने कहा, “मेरा सिर्फ एक सपना है कि मैं रोहित को 2027 विश्व कप खेलते हुए देखूं। मैं चाहता हूं कि वह वहां हों।”39 वर्षीय रोहित के लिए अभी कुछ भी अच्छा नहीं चल रहा है। वह इस वर्ष खेले गए 8 एक दिवसीय मैचों में केवल 241 रन ही बना पाये हैं। इस दौरान उनका औसत मात्र 30 का रहा है और वह केवल एक अर्धशतक लगा पाये हैं। न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान के खिलाफ निराशाजनक प्रदर्शन के बाद, इंग्लैंड के खिलाफ जारी सीरीज में भी वह प्रभावित नहीं पाए हैं, जिससे उनके फॉर्म पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
लाड ने अपने शिष्य के मौजूदा फॉर्म का बचाव करते हुए कहा, “हर खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आते हैं। फॉर्म अस्थायी होती है और मैं फिर भी चाहता हूं कि वह 2027 विश्व कप खेलें।” उन्होंने जोर दिया कि किसी खिलाड़ी के खराब दौर को उसके पूरे करियर का पैमाना नहीं बनाना चाहिए।
इस बीच, एक और रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि चयनकर्ता रोहित पर संन्यास के लिए दबाव बना रहे हैं, जिससे युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जा सके। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लाड ने अपनी चिंता व्यक्त की और कहा, “अगर रोहित संन्यास लेते हैं, तो यह एक युग का अंत होगा। वह एक महान क्रिकेटर हैं। खराब फॉर्म का एक दौर किसी खिलाड़ी के पूरे करियर को परिभाषित नहीं करता।” उन्होंने चयनकर्ताओं के फैसलों पर सीधी टिप्पणी करने से बचते हुए अपने दिल की बात दोहराई कि वह रोहित को अगला वर्ल्ड कप खेलते देखना चाहते हैं।
वहीं कहा जा रहा है कि चयनकर्ता अब यशस्वी जायसवाल सहित युवा प्रतिभाओं को अवसर देना चाहते हैं। चयनकर्ताओं के अनुसार रोहित को यह स्पष्ट कर दिया था कि इंग्लैंड दौरे के बाद वह उनकी भविष्य की योजनाओं का हिस्सा नहीं होंगे और टीम अब आगे बढ़ना चाहती है।


