करीब 12 साल पुराने चर्चित मामले में सुरक्षित है निर्णय, हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली अपीलों पर टिकी निगाहें
Kanpur । शहर के बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ सकता है। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। ऐसे में पीड़ित परिवार, अभियुक्त पक्ष और आमजन की नजरें अब अदालत के फैसले पर टिकी हुई हैं।
ज्योति हत्याकांड वर्ष 2014 में उस समय सुर्खियों में आया था, जब 27 जुलाई की रात बिस्किट कारोबारी पीयूष श्यामदासानी ने अपनी पत्नी ज्योति की गुमशुदगी और हत्या की सूचना पुलिस को दी थी। बाद में ज्योति का शव कल्याणपुर-पनकी रोड पर खड़ी कार से बरामद हुआ था। जांच में सामने आया था कि उनकी चाकुओं से गोदकर हत्या की गई थी।
पुलिस ने जांच के दौरान पीयूष श्यामदासानी, उसकी कथित प्रेमिका मनीषा माखीजा, चालक अवधेश समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। लंबी सुनवाई के बाद 20 अक्टूबर 2022 को सेशन कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इसके बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा। नवंबर 2024 में हाईकोर्ट ने पांच दोषियों की सजा बरकरार रखी, जबकि मनीषा माखीजा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ एक ओर दोषियों ने अपनी सजा को चुनौती दी, वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने मनीषा को दोषमुक्त किए जाने के फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की।
करीब 12 वर्षों से न्यायालयों में चल रहे इस चर्चित मामले में अब सुप्रीम कोर्ट का फैसला अंतिम रूप से यह तय करेगा कि हाईकोर्ट का आदेश यथावत रहेगा या उसमें कोई बदलाव होगा। कानपुर के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल इस मुकदमे के निर्णय को न्यायिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


