Kanpur। आगामी त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों में अचानक आई तेजी ने आम लोगों के साथ ही कारोबारियों का बजट बिगाड़ दिया है। महज 17 दिनों में फुटकर बाजार में चीनी के दाम 46 रुपये से बढ़कर करीब 65 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। वहीं, शक्करपट्टी के थोक बाजार में चीनी करीब 60 रुपये किलो बिक रही है।
व्यापारियों के मुताबिक चीनी के दामों में तेजी के पीछे बाजार में सट्टेबाजी और सरकारी चीनी मिलों से बढ़ी कीमतों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई) के पूर्व निदेशक प्रो. नरेंद्र मोहन अग्रवाल के अनुसार चीनी उत्पादन में कमी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात और एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के रस के अधिक इस्तेमाल से उत्पादन और खपत का संतुलन प्रभावित हुआ है।
कीमतों में इस उछाल का सीधा असर चाय, मिठाई और अन्य खाद्य कारोबारियों पर पड़ने लगा है। मिठाई कारोबारियों की लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में मिठाइयों के दाम भी प्रभावित होने की आशंका है। त्योहारों के दौरान चीनी की मांग और बढ़ने की संभावना को देखते हुए व्यापारी कीमतों में और तेजी की आशंका जता रहे हैं।
व्यापारियों ने सरकार से बाजार में तत्काल हस्तक्षेप करने, जमाखोरी और सट्टेबाजी पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा कीमतों की नियमित निगरानी की मांग की है।


