भूजल सप्ताह के समापन पर डीएम का आह्वान, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर दिया जोर
Kanpur । “आज अगर पानी नहीं बचाया, तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी।” भूजल सप्ताह के समापन समारोह में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह का यही संदेश पूरे कार्यक्रम का केंद्र रहा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।
विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सप्ताहभर चली जल संरक्षण गतिविधियों की समीक्षा की गई। जनजागरूकता रैलियों, विद्यालयों में प्रतियोगिताओं, श्रमदान, तालाबों के संरक्षण, वृक्षारोपण और वर्षा जल संचयन जैसे अभियानों की जानकारी प्रस्तुत की गई। डीएम ने कहा कि पानी बचाने की आदत को अभियान नहीं, बल्कि जनआंदोलन का रूप देना होगा।
समारोह में जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले विभागों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया। जिला परियोजना निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी को ‘जल मित्र’ सम्मान प्रदान किया गया। वहीं, ग्राम पंचायत मकनपुर के ग्राम प्रधान को भी जल संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति-पत्र दिया गया।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी पदक और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने जल संरक्षण का संकल्प लिया कि हर बूंद बचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
डीएम ने कहा कि जल संकट से बचने का सबसे प्रभावी उपाय वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन है। इसके लिए सभी विभागों और आम लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। यही प्रयास भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल उपलब्ध कराने की सबसे मजबूत नींव बनेगा।


