कानपुर सेंट्रल पर चोरी के बाद फुटेज में कैद हुआ था शातिर, कूड़ाघर के पास दबोचा
Kanpur । कानपुर सेंट्रल पर चोरी करके निकल जाना शातिर चोर के लिए आसान नहीं रहा। चोरी के बाद वह पुलिस की नजर से बचने के लिए भले ही इधर-उधर घूमता रहा, लेकिन स्टेशन पर लगे कैमरों की नजर से नहीं बच सका। जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने एक-दो नहीं, बल्कि 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर उसकी गतिविधियों को जोड़ा। इसके बाद मुखबिर की सूचना ने पुलिस को उसके ठिकाने तक पहुंचा दिया।
शुक्रवार को जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में टीम ने कानपुर सेंट्रल के प्रयागराज साइड स्थित पार्सल यार्ड के आसपास घेराबंदी की। कुछ देर बाद संदिग्ध युवक कूड़ाघर के पास दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे घेरा तो उसने बच निकलने का प्रयास किया, लेकिन जवानों ने आवश्यक बल प्रयोग कर उसे दबोच लिया।
पूछताछ में उसकी पहचान अमजद उर्फ सोनू पुत्र हल्के अब्दुल हमीद निवासी सलाबाद सोरार, थाना कोतवाली जालौन, जिला जालौन के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके पास से चोरी किया गया सोने का मंगलसूत्र बरामद हुआ। इसकी कीमत तीन लाख रुपये से अधिक बताई गई है।
फुटेज से सुराग, मुखबिर ने पहुंचाया मंजिल तक
चोरी की घटना के बाद जीआरपी ने स्टेशन और आसपास के रास्तों पर लगे कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। संदिग्ध की गतिविधियां कई कैमरों में कैद मिलीं। फुटेज के आधार पर उसकी पहचान और संभावित आवाजाही के रास्ते तलाशे गए। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना पुलिस के लिए अहम कड़ी साबित हुई और टीम ने पार्सल यार्ड के पास उसे पकड़ लिया।
जीआरपी अब आरोपित के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है। साथ ही उसके साथ जुड़े अन्य लोगों और रेलवे स्टेशन पर हुई दूसरी चोरी की घटनाओं में उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह, आरपीएफ प्रभारी सिद्धनाथ पाटीदार, उपनिरीक्षक शशिकांत सरोज और उपनिरीक्षक मनोज कुमार शामिल रहे।


