Kanpur । दक्षिणी कानपुर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल शास्त्री चौक से बर्रा बाईपास तक मेट्रो कॉरिडोर के किनारे प्रस्तावित ग्रीन बेल्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गोविंद नगर विधायक सुरेंद्र मैथानी ने सड़क की चौड़ाई कम किए जाने पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा है कि इससे लाखों लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी और जाम की समस्या और गंभीर हो जाएगी। उन्होंने सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के समक्ष यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
विधायक ने कहा कि यह मार्ग दक्षिणी कानपुर की करीब 8 से 10 लाख आबादी के साथ दादानगर औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत हजारों श्रमिकों और कर्मचारियों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख लोगों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर पहले से ही भारी यातायात दबाव रहता है। ऐसे में सड़क की चौड़ाई कम करना भविष्य में बड़ी समस्या पैदा कर सकता है।
मैथानी ने बैठक में बताया कि मेट्रो के गोल पिलरों की चौड़ाई लगभग सात फुट है, जबकि प्रस्तावित योजना के तहत दोनों ओर 24-24 फुट क्षेत्र ग्रीन बेल्ट के लिए सुरक्षित किया जा रहा है। उनका कहना था कि पिलरों की वास्तविक चौड़ाई की तुलना में अधिक स्थान घेरने से सड़क संकरी हो जाएगी और चार लेन यातायात व्यवस्था प्रभावित होगी।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि डबल पुलिया से पहले के हिस्से में संतुलित हरित पट्टी विकसित की जा रही है, जबकि डबल पुलिया से शास्त्री चौक और बर्रा बाईपास तक अलग व्यवस्था अपनाई जा रही है। विधायक ने पूरे मार्ग पर एक समान योजना लागू करते हुए पर्याप्त सड़क चौड़ाई बनाए रखने की मांग की।
कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। विधायक ने कहा कि जनहित को देखते हुए सड़क की उपयोगी चौड़ाई बरकरार रखी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में दक्षिणी कानपुर के लोगों को जाम से राहत मिल सके।


