परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप,
Kanpur । जिला कारागार में बंद हत्या के एक मामले के विचाराधीन कैदी विक्की सोनी उर्फ रवि की मंगलवार शाम तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद जेल परिसर में हलचल मच गई, जबकि परिजनों ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बंदी को शिकायत मिलते ही तत्काल अस्पताल भेजा गया था।
नौबस्ता निवासी विक्की सोनी वर्ष 2015 के रोहित सिंह हत्याकांड में जेल में बंद था। वर्ष 2018 में पेशी के दौरान वह फरार हो गया था, जिसके बाद उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित हुआ। मार्च 2019 में एसटीएफ ने पनकी क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद उसे दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मृतक के भाई दीपचंद्र सोनी का आरोप है कि मंगलवार सुबह विक्की के सीने में दर्द की सूचना मिली थी। उनका कहना है कि भतीजा दीपांकर उससे मिलने जेल पहुंचा, लेकिन आवश्यक दस्तावेजों का हवाला देकर मिलने नहीं दिया गया। परिवार का दावा है कि विक्की पहले से हृदय रोगी था और उसका इलाज कार्डियोलॉजी अस्पताल में चल चुका था। आरोप है कि गंभीर हालत के बावजूद उसे विशेषज्ञ हृदय संस्थान के बजाय उर्सला अस्पताल भेजा गया, जिससे समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका।
जेल अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सीने में दर्द की शिकायत मिलते ही बंदी को एंबुलेंस से उर्सला अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रथम दृष्टया मौत का कारण हृदयाघात माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
घटना के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। वहीं, परिजनों ने जेल के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने, निष्पक्ष जांच कराने और कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


