विन मेकर आयुर्वेदा’ के नाम पर बेरोजगारों से वसूले लाखों, पिरामिड चेन में फंसाकर कर रहे थे ठगी
Kanpur। नौकरी की तलाश में भटक रहे बेरोजगार युवाओं को बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर ठगी करने वाले फर्जी एमएलएम (मल्टी लेवल मार्केटिंग) गिरोह का हनुमंत विहार पुलिस और क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने गिरोह का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। आरोपित ‘विन मेकर आयुर्वेदा प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से फर्जी कंपनी संचालित कर विभिन्न राज्यों के युवाओं को 20 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी का झांसा देकर कानपुर बुलाते थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि जॉइनिंग और रजिस्ट्रेशन के नाम पर प्रत्येक युवक से 15 से 30 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। इसके बाद उन्हें एक साधारण किट देकर पिरामिड चेन के जरिए नए सदस्य जोड़ने का दबाव बनाया जाता था। जो युवक नए लोगों को नहीं जोड़ पाते थे, उन्हें न नौकरी दी जाती थी और न ही जमा की गई रकम वापस की जाती थी। इस तरह गिरोह बेरोजगार युवाओं की मजबूरी को कमाई का जरिया बना चुका था।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान छह मोबाइल फोन, एक सीपीयू, 3600 रुपये नकद और ठगी से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामद कागजात से नेटवर्क के कई अन्य सदस्यों और लेनदेन की जानकारी मिलने की उम्मीद है। सभी आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क, बैंक खातों और ठगी से अर्जित रकम की जांच में जुटी है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह ने कई राज्यों के बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाया है।


