सुप्रीम कोर्ट ने पीयूष श्यामदासानी समेत तीन दोषियों की अपील खारिज की, हाईकोर्ट का फैसला बरकरार;
Kanpur । बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पति पीयूष श्यामदासानी समेत अन्य दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। सर्वोच्च अदालत ने दोषियों की ओर से दायर याचिका खारिज कर निचली अदालत और हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया। इसके साथ ही साफ हो गया कि दोषियों को अब पूरी जिंदगी जेल में ही बितानी होगी।
यह मामला कानपुर के चर्चित हत्याकांडों में शामिल रहा है। ज्योति की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। जांच के दौरान हत्या की साजिश में उसके पति पीयूष श्यामदासानी का नाम सामने आया था। मामले की सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा।
सजा के खिलाफ दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। सर्वोच्च अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि निचली अदालतों के फैसले में हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है। अदालत ने दोषियों की याचिका खारिज करते हुए उम्रकैद की सजा को यथावत रखने का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से मृतका के परिजनों को लंबे कानूनी संघर्ष के बाद राहत मिली है। शहर में भी इस फैसले को न्याय की जीत माना जा रहा है। कानूनी जानकारों का कहना है कि यह फैसला गंभीर आपराधिक मामलों में न्यायपालिका की सख्त और स्पष्ट सोच को दर्शाता है तथा समाज में कानून के प्रति भरोसा और मजबूत करेगा।


