रक्षाबंधनकलेक्ट्रेट में लगा हस्तनिर्मित राखियों का स्टॉल, सिलाई-कढ़ाई से तैयार कीं आकर्षक राखियां
Kanpur। राजकीय बाल गृह की बेटियों के लिए सिर्फ भाई की कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि अपने हुनर को पहचान दिलाने का अवसर भी बना। बाल गृह यूनिट-1 और यूनिट-2 की बालिकाओं ने अपने हाथों से रंग-बिरंगी राखियां और रोली-चावल की आकर्षक पोटलियां तैयार कीं। सोमवार को इन हस्तनिर्मित राखियों का स्टॉल कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में लगाया गया।

अचिन्त्य चैरिटेबल फाउंडेशन की ओर से संचालित कौशल विकास कार्यक्रम के तहत बालिकाओं को प्रोफेशनल एम्ब्रॉयडरी, सिलाई और कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में सीखे हुनर को आजमाते हुए बालिकाओं ने रक्षाबंधन के लिए राखियां तैयार कीं। उनकी बनाई राखियों को स्टॉल पर देखकर लोगों ने सराहा।
जिला प्रशासन भी इस पहल को प्रोत्साहित कर रहा है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बालिकाओं के कौशल विकास को आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर जोर दिया है। उद्देश्य है कि प्रशिक्षण केवल सीखने तक सीमित न रहे, बल्कि आगे चलकर बालिकाएं इसी हुनर को आजीविका का माध्यम बना सकें।
राखियां बनाने की गतिविधि ने बालिकाओं में रचनात्मकता के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाया। बाल गृह में रक्षाबंधन पर इन्हीं के हाथों से तैयार राखियों का इस्तेमाल किया जाएगा।
फाउंडेशन की निदेशक दिशा अरोड़ा ने बताया कि वंचित और संवेदनशील वर्ग के बच्चों को कौशल व अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कार्यक्रम चलाया जा रहा है। यह पहल महिला एवं बालिका सशक्तीकरण और स्वावलंबन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।


