चार मैचों में झटके छह विकेट, विजेता भारतीय टीम की खिलाड़ी को डीएम ने क्रिकेट किट देकर किया सम्मानित
Kanpur। श्रीलंका की धरती पर कानपुर की बेटी प्रियांशी दीक्षित ने अपनी गेंदबाजी से छाप छोड़ते हुए देश और शहर का नाम रोशन किया है। भारतीय महिला बधिर क्रिकेट टीम ने महिला टी-20 डेफ सीरीज-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी मुकाबले जीतकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत में कानपुर की 20 वर्षीय प्रियांशी ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने चार मैचों में छह विकेट झटके। सोमवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्रियांशी को क्रिकेट किट प्रदान कर सम्मानित किया।
गोपाल नगर, सैनिक चौराहा, यशोदा नगर निवासी प्रियांशी गौतम बुद्ध महाविद्यालय, सिद्धार्थ नगर, नौबस्ता में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ क्रिकेट के मैदान पर अपनी प्रतिभा निखार रहीं प्रियांशी को भारतीय महिला बधिर क्रिकेट टीम में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला तो उन्होंने अपनी गेंदबाजी से इसे यादगार बना दिया।
श्रीलंका के डी सोयसा पार्क इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में सात से 13 जुलाई तक आयोजित महिला टी-20 डेफ सीरीज-2026 में भारत और श्रीलंका की टीमों ने प्रतिभाग किया। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा और सभी मुकाबलों में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम की। प्रियांशी ने चार मुकाबलों में छह विकेट लेकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
क्रिकेट किट देकर बढ़ाया हौसला
सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्रियांशी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें क्रिकेट किट प्रदान की और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रियांशी की उपलब्धि पूरे कानपुर के लिए गौरव का विषय है। उनकी सफलता जनपद के युवाओं, विशेषकर बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा के दम पर नई ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने भी प्रियांशी को भारतीय टीम की जीत में योगदान के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कानपुर से श्रीलंका तक छोड़ी अपनी छाप,
महज 20 वर्ष की उम्र में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व और अंतरराष्ट्रीय सीरीज की विजेता टीम का हिस्सा बनना प्रियांशी की उपलब्धि को खास बनाता है। श्रीलंका में छह विकेट लेकर उन्होंने न सिर्फ भारतीय टीम की जीत में अपनी भूमिका निभाई, बल्कि यह भी साबित किया कि प्रतिभा को अवसर मिले तो चुनौतियां उसके कदम नहीं रोक सकतीं। अब प्रियांशी की निगाहें क्रिकेट के मैदान पर आगे की उपलब्धियों पर हैं।


