Kanpur । बिल्हौर के मान निवादा गांव में दीवार के प्लास्टर को लेकर शुरू हुई छोटी सी तकरार ऐसी बढ़ी कि प्रशासन को डीएम दरबार से सीधे गांव तक आना पड़ा। पहले प्लास्टर कौन कराएगा, इसी बात पर अड़े दो पड़ोसियों की जिद ने मामला इतना बढ़ा दिया कि आखिरकार मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बैठकर समझौता कराना पड़ा।

बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच दीवार के निर्माण और प्लास्टर कराने के क्रम को लेकर मतभेद शुरू हुआ था। शुरुआत में यह सामान्य असहमति थी, लेकिन समय के साथ दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़ गए। बात बढ़ते-बढ़ते कहासुनी तक पहुंच गई, जिससे विवाद गहरा गया।
एक पक्ष ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के जनता दर्शन में शिकायत दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तत्काल मजिस्ट्रेट को मौके पर भेजकर समाधान कराने के निर्देश दिए। इसके बाद एएसडीएम सदर संजीव दीक्षित राजस्व और पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे और दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई।
मौके पर जांच में सामने आया कि विवाद का मुख्य कारण केवल प्लास्टर और निर्माण कार्य का क्रम है, लेकिन आपसी जिद ने इसे बड़ा रूप दे दिया। प्रशासन ने दोनों पक्षों को समझाते हुए व्यावहारिक समाधान सुझाया।
सहमति बनी कि एक पक्ष पहले निर्धारित समय में प्लास्टर का काम पूरा करेगा, जिसके बाद दूसरा पक्ष उसी दिशा में अपना निर्माण कार्य आगे बढ़ाएगा।
समझौते के बाद दोनों पक्षों ने भविष्य में किसी भी प्रकार का विवाद न करने का आश्वासन दिया। प्रशासन की मौजूदगी में हुए इस निपटारे से गांव में कई दिनों से चला आ रहा तनाव समाप्त हो गया। अब जिस दीवार को लेकर विवाद था, उसी पर सहमति का प्लास्टर चढ़ चुका है।


